वजन 209 Kg, मशीन से लेनी पड़ रही थी सांस, अब एम्स दिल्ली में सर्जरी से मिली नई जिंदगी
एम्स दिल्ली के चिकित्सकों ने 209 किलो के गंभीर मोटापे से पीड़ित मरीज की सफल बैरिएट्रिक सर्जरी की है। इस सर्जरी के बाद मरीज अब बिना सीपैप मशीन के स्वयं ...और पढ़ें
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HighLights
एम्स दिल्ली ने 209 किलो के मरीज की सफल सर्जरी की।
मरीज को सांस लेने के लिए सीपैप मशीन की जरूरत नहीं।
विशेषज्ञों के तालमेल से उच्च जोखिम वाले मरीज का उपचार संभव।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के चिकित्सकों ने 209 किलो वजन वाले गंभीर मोटापे से पीड़ित मरीज की सफल बैरिएट्रिक सर्जरी कर उसे नई जिंदगी दी है।
डॉक्टरों के अनुसार, मरीज की हालत ऐसी थी कि उसे सांस लेने के लिए सीपैप मशीन का सहारा लेना पड़ रहा था और गले में ट्रेकियोस्टॉमी भी करनी पड़ी थी। सफल सर्जरी के बाद अब वह बिना सीपैप मशीन के स्वयं सांस ले पा रहा है।
योजना से सर्जरी सफल रही
सर्जरी विभाग के डा. मंजूनाथ ने बताया कि मरीज का वजन, गंभीर मोटापा और दूसरी बीमारियां सर्जरी को बेहद चुनौतीपूर्ण बना रही थीं। इसके बावजूद सभी विभागों के विशेषज्ञों ने मिलकर उपचार की योजना बनाई और सर्जरी सफल रही।
एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. सुलग्ना भट्टाचार्य ने बताया कि ऐसे मरीजों में आपरेशन के दौरान हर कदम पर विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है। मरीज की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया की गई।
लगातार रखी गई नजर
मेडिसिन एवं संक्रमण नियंत्रण विभाग के प्रो. डॉ. नवल विक्रम ने बताया कि इलाज के दौरान मरीज की दूसरी बीमारियों और संक्रमण के खतरे पर लगातार नजर रखी गई।
वहीं, डायटीटिक्स विभाग की डॉ. ऋचा ने कहा कि ऐसे मरीजों के इलाज में सर्जरी के साथ सही खानपान और पोषण भी उतना ही जरूरी होता है।
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एम्स के अनुसार, यह मामला बताता है कि विभिन्न विभागों के विशेषज्ञों के बेहतर तालमेल से गंभीर और उच्च जोखिम वाले मरीजों का भी सफल उपचार किया जा सकता है।