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    1600 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे गिरा था Air India का विमान, 30 सेकंड में गंवाई थी 425 फीट की ऊंचाई

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 09:23 PM (IST)

    फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान AI-2379 सोमवार सुबह भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। विमान 30 सेकंड में 425 फीट नीचे आया, जिससे यात्रियों मे ...और पढ़ें

    टर्बुलेंस के दौरान बहुत तेजी से गिरा था एअर इंडिया का विमान। फोटो: वीडियो ग्रैब

    टर्बुलेंस के दौरान बहुत तेजी से गिरा था एअर इंडिया का विमान। फोटो: वीडियो ग्रैब

    HighLights

    1. एअर इंडिया की उड़ान AI-2379 भीषण टर्बुलेंस का शिकार

    2. विमान 30 सेकंड में 425 फीट नीचे आया, मची अफरातफरी

    3. क्यूम्यलोनिंबस बादलों के कारण हुई यह घटना

    मुकेश ठाकुर, नई दिल्ली। फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की उड़ान एआइ-2379 सोमवार सुबह भीषण टर्बुलेंस की चपेट में आ गई थी। इस दौरान विमान 1600 फीट प्रति मिनट की रफ्तार से नीचे आया था, यानी वह हर सेकंड करीब आठ मीटर (लगभग ढाई मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई) खो रहा था।

    महज 30 सेकंड में विमान ने 425 फीट की ऊंचाई गंवा दी थी, जिससे विमान के भीतर अफरातफरी मच गई थी।

    36 हजार फीट की ऊंचाई पर लगा जोरदार झटका

    फ्लाइट ट्रैकिंग प्लेटफाॅर्म के अनुसार, विमान ने फुकेट से स्थानीय समयानुसार सुबह 8:41 बजे उड़ान भरी थी। करीब दो घंटे 22 मिनट बाद, भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 9:33 बजे यह घटना हुई थी।

    उस समय विमान ओडिशा के रेंगाली जलाशय के ऊपर लगभग 36 हजार फीट की ऊंचाई पर और करीब 888 किलोमीटर प्रति घंटा से उड़ रहा था। सुबह 9:32 बजे तक उड़ान सामान्य रही थी, लेकिन इसके तुरंत बाद अचानक पहला तेज झटका लगा था।

    इससे विमान पहले करीब 175 फीट नीचे आया था। अगले 30 सेकंड में उसकी ऊंचाई 425 फीट से अधिक घट गई थी और गति 40.74 किलोमीटर प्रति घंटा कम हो गई थी।

    30 सेकंड में तेजी से घटी विमान की ऊंचाई

    आंकड़ों के अनुसार, इसी दौरान विमान की वर्टिकल स्पीड (लंबवत गति) -1600 फीट प्रति मिनट दर्ज की गई थी। विशेषज्ञों के मुताबिक इतनी तेज ऊंचाई घटने से कुछ क्षणों के लिए विमान के भीतर भारहीनता जैसी स्थिति बन गई थी।

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    विशेषज्ञ ने बताया टर्बुलेंस की वजह

    एक निजी एयरलाइंस में वरिष्ठ पायलट ने बताया कि मानसून के दौरान हल्का या मध्यम टर्बुलेंस सामान्य माना जाता है, लेकिन क्यूम्यलोनिंबस (सीबी) बादलों के भीतर या आसपास बनने वाले अत्यधिक शक्तिशाली ऊपर-नीचे जाने वाले वायु प्रवाह से इस तरह का सीवियर टर्बुलेंस उत्पन्न होता है।

    ऐसी स्थिति में विमान अचानक ऊंचाई खो देता है और उसकी गति भी प्रभावित होती है। विशेषज्ञ ने इसकी तुलना तेज रफ्तार कार के अचानक सड़क पर बने गहरे गड्ढे (सिंकहोल) में उतर जाने से की।

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