दिल्ली: अमर कॉलोनी के रेस्तरां में किशोर की हत्या मामले में नया मोड़, नाबालिग पर चलेगा बालिग की तरह मुकदमा
अमर कॉलोनी में 17 वर्षीय किशोर की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने 16 वर्षीय आरोपित के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पीआईआर दाखिल की है। ...और पढ़ें

मुख्य चश्मदीद गवाह मृतक की 16 साल की महिला दोस्त है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीआईआर 30 जुलाई को दाखिल हुई है।
HighLights
17 वर्षीय किशोर की हत्या में 16 वर्षीय आरोपित पर पीआईआर।
नाबालिग आरोपित पर बालिग की तरह मुकदमा चलाने की अर्जी।
चश्मदीद गवाह ने बताया गोली मारने से पहले का विवाद।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। अमर काॅलोनी थाना क्षेत्र में 26 मई को नाबालिग किशोर की गोली मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने 16 वर्षीय किशोर आरोपित के खिलाफ जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पुलिस इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट (पीआईआर) दाखिल की है।
आरोपित किशोर पर एक बालिग की तरह हत्या का मुकदमा चलाने के लिए जुवेनाइल बोर्ड में अर्जी भी दी है। रिपोर्ट में पुलिस ने अमर कालोनी थाना क्षेत्र स्थित रेस्तरां में 17 वर्षीय किशोर के सिर में गोली मारे जाने की घटना से ठीक पहले हुए विवाद का ब्योरा दिया है।
मुख्य चश्मदीद गवाह मृतक की 16 साल की महिला दोस्त है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीआईआर 30 जुलाई को दाखिल हुई है।
लड़की से करने लगे छेड़छाड़
पुलिस को दिए बयान में चश्मदीद ने बताया कि 26 मई को वह शाम करीब 6:30 बजे विक्रम विहार में एक सहपाठी से मिलने गई थी। साई कुमार भी उनके साथ था। दोस्त के घर पर कुछ समय बिताने के बाद वह साई कुमार के साथ अमर कालोनी स्थित एक रेस्तरां में चले गए, जबकि उनका सहपाठी जिम चला गया।
उन्होंने खाना ऑर्डर किया और खा ही रहे थे कि शाम करीब 7:30 बजे तीन अनजान लड़के उनकी टेबल के पास आए। महिला मित्र के मुताबिक, उनमें से एक पास रखी खाली कुर्सी के साथ छेड़छाड़ करने लगा। जब साई कुमार ने विरोध किया तो उसने गालियां दीं और धमकाया।
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सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी
हालात बिगड़ते देख साई ने उसे जल्दी खाना खत्म करने को कहा ताकि वे वहां से जा सकें। तीनों लड़के थोड़ी देर के लिए वहां से चले गए, पर कुछ ही देर बाद वापस आ गए। चश्मदीद गवाह के मुताबिक उनमें से एक लड़का पीछे से आया और जान से मारने की नीयत से साई कुमार के सिर के पिछले हिस्से में गोली मार दी।
जब रेस्तरां में मौजूद लोगों ने हमलावरों को रोकने की कोशिश की, तो तीनों ने कथित तौर पर हथियार दिखाए और मौके से भाग गए। घायल को फौरन मूलचंद अस्पताल जाया गया, जहां वह बेहोश हो गया। उपचार के बावजूद कुछ दिनों बाद उसकी मौत हो गई।
टेबल पर मिली थी खाली कारतूस
गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों को रेस्तरां के बाहर एक टेबल पर 7.65 एमएम का चला हुआ कारतूस का खोल मिला। साथ ही घटनास्थल के पास खून का बड़ा धब्बा भी मिला। जांच के दौरान पुलिस ने 16 वर्षीय नाबालिग को पकड़ा और आरोप लगाया कि उसी ने गोली चलाई थी।
मामले में दो और संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया गया है। शुरुआत में बीएनएस की धारा 109 (हत्या की कोशिश) और 3(5) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआइआर दर्ज की गई थी। किशोर की मौत के बाद इसे हत्या के केस में बदल दिया गया और जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई।