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    दिल्ली विधानसभा में पेश हुई CAG रिपोर्ट, 220.59 करोड़ रुपये की कर वसूली में गड़बड़ियां उजागर

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 06:07 AM (IST)

    दिल्ली विधानसभा में पेश कैग रिपोर्ट ने 2019-2023 के दौरान दिल्ली सरकार के कई विभागों में राजस्व वसूली, प्रशासनिक कामकाज और खर्च में अनियमितताएं उजागर ...और पढ़ें

    कैग रिपोर्ट ने दिल्ली सरकार की वित्तीय अनियमितताएं उजागर कीं।

    कैग रिपोर्ट ने दिल्ली सरकार की वित्तीय अनियमितताएं उजागर कीं।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट पेश की। इस रिपोर्ट में वर्ष 2019 से 2023 के दौरान दिल्ली सरकार के कई विभागों में राजस्व वसूली, प्रशासनिक कामकाज और सरकारी खर्च से जुड़ी कई अनियमितताओं की ओर ध्यान दिलाया गया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2023-24 के ऑडिट के दौरान 22 सरकारी इकाइयों की जांच में 145 मामलों में 220.59 करोड़ रुपये की कर और शुल्क संबंधी गड़बड़ियां सामने आईं। इनमें जीएसटी, वैट, स्टांप शुल्क, मोटर वाहन कर और आबकारी से जुड़े मामलों में कर की कम या बिल्कुल वसूली नहीं होने जैसी बातें शामिल हैं। कैग ने यह भी कहा कि संबंधित विभागों ने इन आपत्तियों पर कोई जवाब नहीं दिया।

    रिपोर्ट में ई-वे बिल प्रणाली की कई कमियों का भी जिक्र है। इसमें ऐसे करदाता शामिल पाए गए जो नियमों के अनुसार कंपोजिशन योजना के पात्र नहीं थे। कई मामलों में ई-वे बिल बनने के बाद भी रिटर्न दाखिल नहीं किए गए या शून्य रिटर्न जमा किए गए। कुछ मामलों में एक ही चालान पर कई ई-वे बिल जारी किए गए।

    कैग ने दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) की जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा में 1.05 करोड़ रुपये का खर्च बेकार जाने की बात भी कही है। दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (डीएसआइआइडीसी) की बापरोला स्थित ज्वेलरी पार्क और फैशन डिजाइन हब परियोजना पर भी सवाल उठाए गए हैं।

    रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2006 में इस परियोजना के लिए 29.45 करोड़ रुपये खर्च कर 99 साल की लीज पर जमीन ली गई थी, लेकिन करीब 18 साल बाद भी परियोजना पूरी नहीं हो सकी। कैग ने इसके लिए भूमि उपयोग में बार-बार बदलाव और निर्णय लेने में देरी को जिम्मेदार बताया है।

    परिवहन विभाग से जुड़ी डीटीसी ईपीएफ ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर भी रिपोर्ट में टिप्पणी की गई है। अप्रैल 2020 से मार्च 2023 के बीच कर्मचारियों के भविष्य निधि (पीएफ) की अतिरिक्त राशि समय पर निवेश नहीं करने के कारण 5.50 करोड़ रुपये के संभावित ब्याज नुकसान का अनुमान जताया गया है।

    रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2022-23 में दिल्ली सरकार की कुल राजस्व प्राप्ति 62,703 करोड़ रुपये रही, जिसमें लगभग 75.5 प्रतिशत हिस्सा कर राजस्व, 0.93 प्रतिशत गैर-कर राजस्व और 23.54 प्रतिशत केंद्र सरकार से मिले अनुदान का था। रिपोर्ट का उद्देश्य विभागों की कार्यप्रणाली में सुधार और राजस्व संग्रह व्यवस्था को अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनाना है।

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