दिल्ली में 20 मई को बंद रहेंगी दवा दुकानें, ई-फार्मेसी को कोरोना महामारी में मिली ‘अस्थायी छूट’ का हो रहा विरोध
आल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने ई-फार्मेसी को मिली 'अस्थायी छूट' के विरोध में 20 मई 2026 को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वा ...और पढ़ें

कोरोना महामारी में ई-फार्मेसी को मिली ‘अस्थायी छूट’ का अब तक हो रहा विरोध।
HighLights
ई-फार्मेसी की अस्थायी छूट के विरोध में राष्ट्रव्यापी बंद।
अनियंत्रित ऑनलाइन दवा बिक्री और अनियमितताओं पर चिंता व्यक्त की।
आपातकालीन दवा सेवाएं बंद के दौरान भी जारी रहेंगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कोरोना महामारी में ई-फार्मेसी को मिली ‘अस्थायी छूट’ के अब तक जारी रहने के विरोध में ऑल इंडिया आर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (एआईओसीडी) ने 20 मई 2026 को राष्ट्रव्यापी बंद का आह्वान किया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (आरडीसीए) वन दिल्ली ने भी इस बंद को समर्थन देने की घोषणा की है। आरडीसीए वन ने बंद के दौरान दवा की आपातकालीन सेवा चालू रहने की भी घोषणा की है, दावा किया कि बंद में दवा की कमी नहीं होने दी जाएगी।
आरडीसीए वन दिल्ली के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने आरोप लगाया कि कोरोना महामारी में दवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शुरू की गई यह अस्थायी व्यवस्था महामारी समाप्त होने के बाद भी जारी है, जिससे कई ई-फार्मेसी प्लेटफार्म बिना सख्त नियमन के संचालित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनियंत्रित आनलाइन दवा बिक्री, अनुचित प्रिडेटरी प्राइसिंग और बिना पर्याप्त निगरानी के दवा वितरण व्यवस्था गंभीर चुनौतियां पैदा कर रही हैं।
दवा आपूर्ति तंत्र में अनियमितताएं सामने आई
संदीप नांगिया ने आरोप लगाया कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों की कार्रवाइयों में दवा आपूर्ति तंत्र में अनियमितताएं सामने आई हैं। बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अनुसार 2020 से मई 2025 के बीच 116 बड़े मामलों में 1.09 लाख किलोग्राम से अधिक नशीली दवा व नशीले पदार्थ जब्त किए गए। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की रिपोर्ट अनुसार अधोमानक दवाओं के मामले लगातार सामने आए हैं। जुलाई 2025 में 143 दवा नमूने फेल पाए गए थे।
ऑनलाइन व्यवस्था पर नियंत्रण और निगरानी में कमी
उन्होंने कहा कि सीडीएससीओ और ड्रग कंट्रोलर जनरल आफ इंडिया (डीसीजीआइ) स्तर पर आनलाइन दवा बिक्री को लेकर नोटिस और निगरानी कार्रवाई और पुलिस और एनसीबी जांच में कुछ मामलों में डिजिटल प्लेटफार्म्स के जरिए प्रिस्क्रिप्शन और नियंत्रित दवाओं की अवैध बिक्री से जुड़े नेटवर्क का खुलासा बताता है कि ऑनलाइन व्यवस्था पर नियंत्रण और निगरानी में कमी है।
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यह लोग नियम पालन भी नहीं करते। इसलिए व्यापक राष्ट्रीय हित में इन्हें मिली अस्थाई छूट समाप्त कर देनी चाहिए। आरडीसीए वन दिल्ली ने स्पष्ट किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगा। संगठन ने आम जनता को आश्वस्त किया कि आपातकालीन दवा सेवाएं और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं निर्बाध जारी रहेंगी तथा जरूरी दवाओं की उपलब्धता हरहाल में सुनिश्चित की जाएगी।