शहजाद भट्टी मॉड्यूल पर कसता शिकंजा, 300 संदिग्धों की कुंडली खंगाल रही सुरक्षा एजेंसियां
केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और एटीएस पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और गैंगस्टर शहजाद भट्टी के खतरनाक गठजोड़ को ध्वस्त करने में जुटी हैं। देशभर से 300 ...और पढ़ें

केंद्रीय जांच एजेंसियां शहजाद भट्टी और आईएसआई के गठजोड़ को ध्वस्त करने में जुटी। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)
HighLights
आईएसआई-शहजाद भट्टी मॉड्यूल पर सुरक्षा एजेंसियों का शिकंजा।
देशभर से 300 संदिग्ध हिरासत में, गहन पूछताछ जारी।
सोशल मीडिया से युवाओं को आतंकी गतिविधियों में धकेलने की साजिश।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और कुख्यात पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के खतरनाक गठजोड़ को ध्वस्त करने के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और राज्यों की एंटी टेरर स्क्वाड (एटीएस) पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। देश के अलग-अलग राज्यों से हिरासत में लिए गए करीब 300 संदिग्धों की प्रोफाइल खंगालने के बाद अब एजेंसियां आगे की बड़ी कार्रवाई की तैयारी में हैं।
इंटरनेट मीडिया पर चल रहा है 'ब्रेनवाश' का खेल
सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक हिरासत में लिए गए ये सभी युवा इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म्स के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नाम पर बने अकाउंट्स से जुड़े हुए थे। खुफिया ब्यूरो (आइबी) के कोआर्डिनेशन में राज्यों की पुलिस और साइबर सेल पिछले कई महीनों से इन इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स की मानिटरिंग कर रही थी।
पुख्ता सबूत मिलने के बाद बीते बृहस्पतिवार की रात दिल्ली, हरियाणा, यूपी, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पंजाब समेत कई राज्यों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी कर इन्हें हिरासत में लिया गया।
सूत्रों का कहना है कि आइएसआइ, भट्टी के नाम पर इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स बनाकर भारतीय युवाओं को गुमराह कर रही है और उनका ब्रेनवाश कर उन्हें आतंकी गतिविधियों में धकेलने की साजिश रच रही है। पकड़े गए सभी संदिग्धों के इंटरनेट मीडिया अकाउंट्स को तुरंत डिलीट करवा दिया गया है।
अल फलाह के बाद भट्टी माड्यूल सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती
सुरक्षा तंत्र से जुड़े सूत्रों की मानें तो इससे पहले 'अल फलाह यूनिवर्सिटी' से जुड़े सफेदपोश माड्यूल और सोलर बेस्ड कैमरे लगाने की साजिश को एजेंसियां पहले ही नाकाम कर चुकी हैं। लेकिन अब ''शहजाद भट्टी माड्यूल'' देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए एक नया और बड़ा खतरा बनकर उभरा है।
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शुरुआत में माना जा रहा था कि इन संदिग्धों की केवल काउंसलिंग की जाएगी और ''बाउंड डाउन'' (मुचलका भरवाकर) कर छोड़ दिया जाएगा, लेकिन मामले की गंभीरता और आईएसआई की संलिप्तता को देखते हुए फिलहाल किसी को राहत नहीं दी गई है। सभी से लगातार गहन पूछताछ जारी है।
शहजाद भट्टी माड्यूल के बढ़ते जाल को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और विभिन्न राज्यों की एसटीएफ ने अपने-अपने इलाकों में मोर्चा संभाल रखा है। अब तक की कार्रवाई में हरियाणा एसटीएफ सबसे ज्यादा 90 संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
केंद्रीय एजेंसियों ने 40 से अधिक संदिग्धों को दबोचा
पंजाब (सीमावर्ती इलाके) से केंद्रीय एजेंसियों ने 40 से अधिक संदिग्धों को दबोचा है। वहीं दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने भी 25 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इसके अलावा यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान से भी भारी संख्या में संदिग्ध पकड़े गए हैं।
पकड़े गए संदिग्धों की पृष्ठभूमि और डिजिटल फुटप्रिंट्स की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों ने साफ किया है कि इस मामले में संदिग्धों की संलिप्तता और भूमिका के आधार पर ही सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सामान्य संलिप्तता पाए जाने पर शांति भंग की धाराओं में कार्रवाई होगी।
हथियारों की आपूर्ति और अन्य गतिविधियों में शामिल होने पर भारतीय न्याय संहिता और आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया जाएगा। जिन संदिग्धों के खिलाफ सीधे तौर पर आइएसआइ या आतंकी गतिविधियों से जुड़े होने के पुख्ता सबूत मिलेंगे, उन पर यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एजेंसियों को अन्य साजिश की भी आशंका
सुरक्षा अधिकारियों को अंदेशा है कि भारतीय एजेंसियों का ध्यान भट्टी माड्यूल की ओर भटकाकर आइएसआइ बैकग्राउंड में किसी और बड़ी और खतरनाक साजिश को अंजाम देने की फिराक में हो सकती है। इसी इनपुट के मद्देनजर देश भर की एंटी-टेरर यूनिट्स को और अधिक हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।