1 करोड़ रुपए से कानूनी वेबसाइट तक: CJP ने पूरे भारत में प्रदर्शनकारियों के लिए केस लड़ने का बनाया प्लान
सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज आपराधिक मामले वापस लेने के लिए सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, नहीं तो आंदोलन फिर शुरू होगा। वरिष्ठ नेता कपिल ...और पढ़ें
HighLights
सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने को 24 घंटे दिए।
मांगें न मानने पर फिर से आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
कपिल सिब्बल ने छात्रों को कानूनी सहायता हेतु एक करोड़ दिए।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने प्रदर्शनकारियों और आयोजकों पर दर्ज आपराधिक मामलों को वापस लेने के लिए आजभर की मोहलत दी है, अन्यथा फिर सड़कों पर उतरकर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
सीजेपी ने स्पष्ट किया कि जंतर-मंतर पर चला 36 दिवसीय धरना खत्म होने से पहले सरकार के साथ तीसरे दौर की बातचीत में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई थी। इसमें सहमति बनी थी कि देशभर में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लिए जाएंगे। साथ ही, भविष्य में किसी भी आयोजक या प्रदर्शनकारी पर नया मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।
सरकार मंगलवार तक लिखित समझौता साझा कर देगी: रांका
सपा के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल के साथ पत्रकार वार्ता में सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि इस संबंध में केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जीतेंद्र सिंह को एक ड्राफ्ट समझौता सौंपा था। सहमति बनी थी कि कानूनी सलाह-मशविरे के बाद सरकार मंगलवार तक लिखित समझौता साझा कर देगी।
उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि केंद्रीय कैबिनेट मंत्री उस वादे का सम्मान करेंगे और किसी भी प्रदर्शनकारी को प्रताड़ित नहीं किया जाएगा। आगे चेताते हुए उन्होंने कहा कि यदि मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं मिलता और गिरफ्तार लोगों को रिहा नहीं किया जाता, तो पार्टी दोबारा आंदोलन छेड़ेगी।
कपिल सिब्बल से लगातार सलाह ली जा रही : रांका
उन्होंने आगे कहा कि इस युवा आंदोलन को कानूनी झमेलों से बचाने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल से लगातार सलाह ली जा रही है। सीजेपी के एक अन्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि संगठन को पहले से ही आशंका थी कि प्रदर्शन समाप्त होने के बाद आंदोलन में शामिल लोगों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जाएगा।
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कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने सीजेपी के छात्रों को कानूनी सहायता देने का निर्णय लिया है। जहां-जहां छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज होंगे, वहां-वहां उन्हें कानूनी मदद उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए कानूनी वेबसाइट भी बनाई जाएगी उन्होंने अपनी ओर से एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की, ताकि कानूनी लड़ाई प्रभावी ढंग से लड़ी जा सके। उन्होंने अन्य लोगों से भी इस उद्देश्य के लिए आर्थिक सहयोग करने की अपील की।
सांप्रदायिक रंग से जोड़ने की कोशिश की जा रही: कपिल सिब्बल
उन्होंने आशंका जताई कि दिल्ली पुलिस चेहरे की पहचान (फेशियल रिकग्निशन) तकनीक के जरिए प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उन्हें निशाना बना सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले में सांप्रदायिक रंग जोड़ने की कोशिश भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आंदोलन में शामिल छात्रों को किसी भी तरह से प्रताड़ित या लक्षित न किया जाए।