पाठकों के दिलों पर छाने वाले हिंदी लेखकों को मिला 'दैनिक जागरण कृति सम्मान', 8 श्रेष्ठ हिंदी कृतियां चयनित
दैनिक जागरण ने हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर 'कृति सम्मान' समारोह आयोजित किया, जिसमें बेस्टसेलर हिंदी रचनाकारों को सम्मानित किया गया। इस का ...और पढ़ें

कार्यक्रम में विचार प्रस्तुत करतीं वरिष्ठ टीवी पत्रकार रूबिका लियाकत साथ मौजूद (बाएं से दाएं) वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी,आइआइएमसी की वाइस चांसलर डा. प्रज्ञा पालीवाल गौड़ व दैनिक जागरण के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी। जागरण
HighLights
दैनिक जागरण ने 'कृति सम्मान' समारोह आयोजित किया।
बेस्टसेलर हिंदी रचनाकारों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
'ज्ञानवृत्ति पुरस्कार' विजेताओं की भी घोषणा हुई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में बृहस्पतिवार की शाम हिंदी रचनाकारों के लिए खास रही। हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में अतीत और वर्तमान की पत्रकारिता पर गूढ़ विचार मंथन और शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों के बीच दैनिक जागरण की ओर से ऐसे हिंदी रचनाकारों को सम्मानित किया गया, जिनकी कृतियां वर्षभर पाठकों के दिलोदिमाग पर छाई रहीं और जागरण बेस्ट सेलर की सूची में लंबे समय तक शीर्ष पर बनी रहीं।
आठ कृतियों का हुआ चयन
इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित ‘दैनिक जागरण कृति सम्मान’ कार्यक्रम में आठ कृतियों के लेखकों को मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। ‘दैनिक जागरण कृति सम्मान’ दैनिक जागरण के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ का एक उपक्रम है, जिसके अंतर्गत पुस्तक लेखन और पठन-पाठन की संस्कृति के विकास के लिए लेखकों को सम्मानित किया जाता है।
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50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि और स्मृति चिह्न
इस सम्मान के तहत हिंदी बेस्टसेलर के उन लेखकों को सम्मानित किया जाता है, जिनकी कृति दैनिक जागरण द्वारा पूरे वर्ष की प्रत्येक तिमाही में प्रकाशित होने वाली बेस्टसेलर सूची में सर्वश्रेष्ठ रही है।
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इसके तहत कविता, अनुवाद, कथेतर और कथा विधा में सर्वश्रेष्ठ रही किताबों के लेखकों को सम्मानित किया जाता है और लेखकों को 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि और स्मृति चिह्न दिया जाता है।

भाषा, शैली और कथ्य की विशेषता
इसके साथ ही उत्तम में सर्वोत्तम के तहत जागरण बेस्ट सेलर पुस्तकों में से भाषा, शैली और कथ्य के हिसाब से कविता, अनुवाद, कथेतर और कथा श्रेणी में श्रेष्ठ कृतियों का चयन किया जाता है। इन लेखकों को भी 50 हजार रुपये की पुरस्कार राशि और स्मृति चिह्न दिया जाता है।
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इसके निर्णायक मंडल में इग्नू के रजिस्ट्रार प्रो. जितेंद्र श्रीवास्तव और जेएनयू में भारतीय भाषा केंद्र के अध्यक्ष सुधीर प्रताप सिंह जैसी हस्तियां शामिल हैं।

राग भोपाली, ठुमरी और दादरा में सुरमयी प्रस्तुति
इससे पूर्व, समारोह का शुभारंभ प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका सुनंदा शर्मा, दैनिक जागरण के कार्यकारी संपादक विष्णु प्रकाश त्रिपाठी और जागरण में स्ट्रैटिजी एवं ब्रांड डेवलपमेंट विभाग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बसंत राठौर ने दीप जलाकर किया।

इसके बाद, प्रसिद्ध शास्त्रीय गायिका सुनंदा शर्मा की राग भोपाली, ठुमरी और दादरा में सुरमयी प्रस्तुति ने पूरे माहौल को संगीतमय कर दिया। पंडित अभिषेक मिश्रा, पंडित सुमित मिश्रा, पूजा मोहले कुमारी और फलिता चौधरी ने उन्हें संगत दी।

दैनिक जागरण कृति सम्मान’ हिंदी बेस्टसेलर 2025 के विजेता
| श्रेणी | विजेता | किताब | प्रकाशक |
| कविता | स्वयं श्रीवास्तव | ‘घर के वास्ते’ | प्रकाशक अनबाउंड स्क्रिप्ट |
| कथा | दिव्य प्रकाश दुबे | यार पापा | प्रकाशक हिन्द युग्म |
| कथेतर | गौहर रजा | मिथकों से विज्ञान तक | प्रकाशक पेंगुइन |
| अनुवाद | सत्यार्थ नायक और आशुतोष गर्ग | महागाथा | पुराणों से सौ कहानियां-प्रकाशक हार्पर कोलिन्स |
कृति सम्मान हिंदी बेस्टसेलर ‘उत्तम में सर्वोत्तम 2025’ के विजेता
| श्रेणी | विजेता | किताब | प्रकाशक |
| कथा | मनोज राजन त्रिपाठी | कसारी मसारी | प्रकाशक एकदा: (इंप्रिंट वेस्टलेंड) |
| कविता | नीलेश मिसरा | मैं अकसर सोचता हूं | प्रकाशक एका: (इंप्रिंट वेस्टलेंड) |
| कथेतर | अनिमेष मुखर्जी | ठाकुरबाड़ी | पेंगुइन |
| अनुवाद | अमी गणात्रा | महाभारत का अनावरण : भारतवर्ष के प्रसिद्ध इतिहास के अज्ञात पहलू | ब्लूम्सबेरी |
‘ज्ञानवृत्ति पुरस्कार’ के विजेताओं की हुई घोषणा
समारोह के दौरान ‘दैनिक जागरण ज्ञानवृत्ति पुरस्कार’ के विजेताओं की भी घोषणा की गई। इसमें कुल तीन विजेताओं को चुना गया, जिनमें राहुल कुमार ‘भारतीय कूटनीति में साफ्ट पावर की भूमिका (योग, संस्कृति और प्रवासी भारतीयों के संदर्भ में एक अध्ययन’ विषय पर शोध करेंगे। कायनात तरन्नुम, ‘जेन-जी की मुस्लिम महिलाओं में आधुनिक स्त्रीवाद का उदय एवं उसपर सरकारी नीतियों का प्रभाव’ और नकुल शर्मा, ‘कर्तव्य आधारित न्याय से अधिकार आधारित भारतीय विधिक चिंतन का वैज्ञानिक अध्ययन’ विषय पर शोध करेंगे।

इन्होंने विजेताओं का चयन किया
विजेताओं का चयन करने वाले निर्णायक मंडल में प्रो. प्रमोद कुमार, प्रो. हिना सिंह और प्रो. हीरामन तिवारी शामिल थे। हिंदी में मौलिक शोध को बढ़ावा देने के लिए 'हिंदी हैं हम' के तहत यह शुरुआत की गई थी, जिसमें चयनित विषय पर शोधार्थी को कम से कम छह महीने और अधिकतम नौ महीने के लिए दैनिक जागरण ज्ञानवृत्ति के तौर पर हर महीने 75 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।
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