दिल्ली को बेहतर बनाने के लिए विशेषज्ञ बनाएंगे मास्टर प्लान, डीडीए जमीन पर उतारेगी टीम; बिगड़ती हवा में करेंगे सुधार
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने राजधानी को आधुनिक, सुंदर और पर्यावरण-अनुकूल शहर बनाने के लिए अनुभवी लैंडस्केप आर्किटेक्ट फर्मों को पैनल में शामिल कि ...और पढ़ें

यह पहल न केवल दिल्ली के मास्टर प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करेगी, बल्कि दिल्ली की बिगड़ती पारिस्थितिकी को सुधारने में भी मील का पत्थर साबित होगी। प्रतीकात्मक तस्वीर

समय कम है?
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संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। राजधानी को एक आधुनिक, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल वैश्विक शहर बनाने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने एक बड़ा कदम उठाया है। डीडीए ने अपने ''लैंडस्केप और पर्यावरण योजना विभाग'' के तहत अनुभवी लैंडस्केप आर्किटेक्ट एवं आर्किटेक्चर फर्मों को पैनल में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू की है। यह पहल न केवल दिल्ली के मास्टर प्लान को प्रभावी ढंग से लागू करेगी, बल्कि दिल्ली की बिगड़ती पारिस्थितिकी को सुधारने में भी मील का पत्थर साबित होगी।
मास्टर प्लान के विजन को मिलेगी नई गति
दिल्ली का मास्टर प्लान शहर के संतुलित विकास का खाका पेश करता है। डीडीए अब अपनी पारंपरिक ''इन-हाउस'' कार्यप्रणाली से आगे निकलकर बाहरी विशेषज्ञों की सहायता लेने जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य विविध डिजाइन संवेदनाओं एवं अत्याधुनिक तकनीकी विशेषज्ञता को शामिल करना है।
बाहरी विशेषज्ञों के आने से मास्टर प्लान के उन हिस्सों को प्राथमिकता मिलेगी जो सार्वजनिक सुविधाओं, सौंदर्य और शहरी नियोजन को एक साथ जोड़ते हैं। इससे शहर के खाली पड़े स्थानों व पार्कों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप विकसित करने में मदद मिलेगी।
पर्यावरण सुधार : कंक्रीट के जंगल में 'हरी चादर'
इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू पर्यावरण संरक्षण है। डीडीए का लक्ष्य केवल पेड़ लगाना नहीं, बल्कि एक पूरी पारिस्थितिकी प्रणाली को बहाल करना है। विशेषज्ञों के माध्यम से निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा...
खबरें और भी
- यमुना का कायाकल्प : यमुना के बाढ़ क्षेत्रों का वैज्ञानिक तरीके से विकास किया जाएगा, ताकि नदी की सेहत सुधरे और शहर को एक बड़ा हरित गलियारा मिले।
- जैव विविधता और वेटलैंड : नए जैव विविधता पार्क (बायोडायवर्सिटी पार्क) और वेटलैंड बनाए जाएंगे, जो न केवल प्रदूषण कम करेंगे बल्कि गिरते भूजल स्तर को सुधारने में भी मदद करेंगे।
- जल प्रबंधन : जल-संवेदनशील शहरी डिजाइन के जरिए वर्षा जल का संचयन किया जाएगा, जिससे जलभराव की समस्या कम होगी।
शहरवासियों को क्या मिलेगा?
इस योजना से दिल्ली के आम नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार होगा। शहर के फुटपाथों का सुंदरीकरण, समावेशी पार्कों का निर्माण (जहां बुजुर्गों और बच्चों के लिए विशेष सुविधाएं हों) और ऐतिहासिक स्मारकों के आसपास हरियाली विकसित करने से दिल्ली की सूरत बदलेगी।
बड़ी जिम्मेदारी, बड़ा बदलाव
वर्तमान में डीडीए 16,000 एकड़ हरित क्षेत्र और 773 शहरी पार्कों का प्रबंधन कर रहा है। अब चुनी गई फर्में साइट विश्लेषण से लेकर प्रोजेक्ट लागू होने तक साथ रहेंगी। इसका मतलब है कि अब केवल कागजों पर डिजाइन नहीं बनेगा, बल्कि जमीन पर उसकी गुणवत्ता की भी निगरानी की जाएगी।
वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार डीडीए की यह पहल दिल्ली को रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में एक साहसी कदम है। मास्टर प्लान के पर्यावरणीय लक्ष्यों को विशेषज्ञों के नजरिए से जोड़कर, प्राधिकरण दिल्ली को एक बार फिर ''बागों के शहर'' के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
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