मेट्रो स्टेशन के पास ही मिलेगा घर और रोजगार, दिल्ली को भीड़-मुक्त बनाने के लिए LG का 4 स्टेप प्लान तैयार
डीडीए दिल्ली के नियोजित विकास, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान पर जोर दे रहा है, जिसमें 207 वर्ग किमी क्षेत्र में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टी ...और पढ़ें

ट्रांसिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट पर होगा दिल्ली में काम। फोटो: आर्काइव
HighLights
दिल्ली में 207 वर्ग किमी क्षेत्र में टीओडी विकसित होगा
डीडीए पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक पहचान पर देगा बल
उपराज्यपाल ने हरित और समावेशी शहर के लिए दिए निर्देश
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) शहर के विकास के साथ ही पर्यावरण संरक्षण और यहां की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने की रूपरेखा तैयार करेगी।
नियोजित विकास पर बल दिया जाएगा, जिससे लोगों को आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध हो सके। इसे लेकर उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई डीडीए की सलाहकार परिषद की बैठक में चर्चा की गई।
घर के पास लोगों रोजगार के साधन और यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डीडीए राजधनी में 207 वर्ग किमी क्षेत्र में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी) विकास करने की योजना तैयार की है। मेट्रो स्टेशन के नजदीक विकसित होने वाले इस क्षेत्र में आवास व व्यवसायिक स्थल उपलब्ध होंगे।
चार बिंदुओं पर विकास की रूपरेखा होगी तय
परिषद के सदस्यों ने राजधानी में सस्ते आवास की मांग और आपूर्ति में अंतर, बढ़ रही झुग्गी बस्ती और इसमें रहने वालों का पुनर्वास, अनधिकृत काॅलोनियों का नियमितीकरण और पुनर्विकास पर बात की।
इसके साथ ही सड़कों पर वाहनों की भीड़ और प्रदूषण की समस्या, ओ- जोन (यमुना डूब क्षेत्र) में विकास, बाढ़ और अर्बन हीट आईलैंड, लैंड पूलिंग और कम घनत्व वाले क्षेत्रों में नियोजित विकास, उपलब्ध धरोहर और पानी की कमी जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह सांधू ने हरित, समावेशी और लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए चार प्रमुख बिंदुओं पर विकास की रूपरेखा तय करने को कहा।
इन चार बिंदुओं पर होगा शहर का विकास
- पर्यावरण संरक्षण व रिवरफ्रंट का विकास।
- आपदा प्रबंधन, जल सुरक्षा और सुरक्षित सड़कों का विकास।
- दिल्ली की आर्थिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने, बाजारों और व्यवसायिक केंद्रों के विकास और पुनर्विकास के साथ ही सांस्कृतिक पहचान को बनाने रखना।
- भीड़-मुक्त शहर बनाने मल्टी-मॉडल यातायात, मेट्रो स्टेशनों से अंतिम-मील कनेक्टिविटी।
शहर के विकास के लिए उठाए गए कदम
- लैंड पूलिंग क्षेत्र- 200 वर्ग किमी
- विकसित आवासीय क्षेत्र- 700 वर्ग किमी
- कम घनत्व वाला क्षेत्र - 150 वर्ग किमी
- रिवरफ्रंट विकास - 100 वर्ग किमी
- पुराने शहर का पुनर्विकास - 24 वर्ग किमी
- बंगला जोन क्षेत्र - 31 वर्ग किमी
- उच्च घनत्व वाले काॅरिडोर - 20 वर्ग किमी
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