Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    दिल्ली में अवैध कब्जों पर चलेगा हंटर, ट्रैफिक जाम-पानी की कमी और मास्टर प्लान पर LG का बड़ा रोडमैप

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 05:11 PM (IST)

    दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने डीडीए को अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के सख्त निर्देश दिए हैं। बैठक में दिल्ल ...और पढ़ें

    दिल्ली विकास प्राधिकरण की एडवाइजरी काउंसिल की बैठक के दौरान एलजी टीएस संधू। फोटो: एक्स

    दिल्ली विकास प्राधिकरण की एडवाइजरी काउंसिल की बैठक के दौरान एलजी टीएस संधू। फोटो: एक्स  

    HighLights

    1. अवैध कब्जों, अनधिकृत निर्माण पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति

    2. रियल-टाइम टेक्नोलॉजी से निगरानी, त्वरित कार्रवाई पर जोर

    3. दिल्ली के मास्टर प्लान, शहरी विकास पर व्यापक रोडमैप

    डिजिटल, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ अब और सख्त कार्रवाई की तैयारी है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए।

    इसके लिए रियल-टाइम टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी प्रणाली विकसित करने पर भी जोर दिया गया, ताकि ऐसे मामलों का तुरंत पता लगाकर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

    बैठक में दिल्ली के आगामी मास्टर प्लान, शहरी विकास, नागरिक सुविधाओं और संस्थागत ढांचे को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई। उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली के विकास की योजना समावेशी, टिकाऊ और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बदलती शहरी चुनौतियों का समाधान पारदर्शिता, आधुनिक तकनीक और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से ही संभव है।

    इन चुनौतियों पर रहेगा विशेष फोकस

    बैठक में राजधानी की प्रमुख शहरी समस्याओं आवास की कमी, अनधिकृत कॉलोनियां, झुग्गी-बस्तियां, ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और पानी की सुरक्षा को प्राथमिकता वाले मुद्दों के रूप में चिन्हित किया गया। इन चुनौतियों से निपटने के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने पर सहमति बनी।

    1,400 वर्ग किमी क्षेत्र के लिए रोडमैप

    बैठक में पेश किए गए विजन डॉक्यूमेंट के अनुसार, मुख्य विकास और पुनर्विकास क्षेत्रों में 1,400 वर्ग किलोमीटर से अधिक क्षेत्र को शामिल किया गया है। इसके अलावा-

    • मेट्रो कॉरिडोर के आसपास 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) को बढ़ावा दिया जाएगा।
    • लैंड पुलिंग पॉलिसी के तहत करीब 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का विकास किया जाएगा।
    • यमुना रिवरफ्रंट के विकास के लिए लगभग 100 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का प्रस्ताव रखा गया है।

    अनधिकृत कॉलोनियों के पुनर्विकास पर जोर

    नई योजना के तहत रिहायशी क्षेत्रों के नियोजित विस्तार के साथ-साथ अनधिकृत कॉलोनियों, झुग्गी-झोपड़ी (JJ) क्लस्टर और पुरानी दिल्ली के पुनर्विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    खबरें और भी

    इसके अलावा शहरी बाढ़, हीट आइलैंड प्रभाव, जर्जर होती विरासत इमारतों और जल संकट जैसी समस्याओं के समाधान के लिए भी व्यापक रणनीति तैयार की जा रही है।

    ट्रैफिक जाम कम करने की तैयारी

    बैठक में मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन और बेहतर लास्ट-माइल कनेक्टिविटी के जरिये ट्रैफिक जाम कम करने की योजना पर भी चर्चा हुई। विजन डॉक्यूमेंट में राजधानी में ग्रीन कवर बढ़ाने, जल सुरक्षा मजबूत करने, सुरक्षित सड़कें विकसित करने, लॉजिस्टिक्स हब तैयार करने और व्यावसायिक बाजारों के पुनर्विकास जैसे प्रस्ताव भी शामिल हैं।

    उपराज्यपाल ने कहा कि दिल्ली को अधिक हरित, रहने योग्य, आर्थिक रूप से सशक्त और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाने के लक्ष्य के साथ सभी संबंधित एजेंसियों को मिलकर कार्य करना होगा।

    यह भी पढ़ें- दिल्ली-NCR के कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश, लोगों को मिली उमस से राहत; IMD ने जारी किया अलर्ट

    यह भी पढ़ें- Delhi Water Crisis: दिल्ली के कई इलाकों में दो दिनों तक नहीं आएगा पानी, जल बोर्ड ने बताई वजह