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    एमसीडी चुनाव से पहले भाजपा में बढ़ रहा अनुसूचित जाति के नेताओं का कद, जिला टीमों में बढ़ा प्रतिनिधित्व

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 05:10 AM (IST)

    दिल्ली भाजपा आगामी नगर निगम और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर अनुसूचित जाति के मतदाताओं को साधने के लिए अपने संगठन में एससी नेताओं की भूमिका बढ़ा रही है ...और पढ़ें

    अनुसूचित जाति के नेताओं का भाजपा में बढ़ रहा कद। सांकेतिक तस्वीर

    अनुसूचित जाति के नेताओं का भाजपा में बढ़ रहा कद। सांकेतिक तस्वीर

    HighLights

    1. भाजपा ने 12 जिलों की टीम में 35 एससी नेता शामिल किए।

    2. आगामी नगर निगम चुनाव में एससी वोटरों पर विशेष ध्यान।

    3. एससी नेताओं को संगठन में महत्वपूर्ण पद दिए जा रहे हैं।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली की चुनावी राजनीति में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। भाजपा के लिए इन्हें अपने साथ जोड़ने की चुनौती रहती है।

    अगले वर्ष नगर निगम चुनाव होना है। जिलों की टीम गठित करने में इसे ध्यान रखा जा रहा है। यही कारण है अनुसूचित जाति के कार्यकर्ताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जा रही है, जिससे कि इस वर्ग में पार्टी का आधार मजबूत हो सके।

    12 जिलों की टीम में 35 नेता शामिल

    14 संगठनात्मक जिलों में से अब तक घोषित 12 जिलों की टीम में इस वर्ग के 35 नेताओं को शामिल किया गया है। आने वाले समय में इनके बीच सक्रियता बढ़ाने के लिए कुछ कार्यक्रम भी शुरू हो सकते हैं।

    दिल्ली नगर निगम में 42 वार्ड अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं, जिनमें से मात्र छह में भाजपा के पार्षद हैं। विधानसभा में 12 सीटें इस वर्ग के लिए आरक्षित हैं। वर्ष 2020 के विधानसभा चुनाव में एक भी सीट भाजपा को नहीं मिली थी।

    वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने इन 12 सीटों के साथ ही बल्लीमारान और मटिया महल जैसी सामान्य सीटों पर भी अनुसूचित जाति के नेताओं को चुनाव मैदान में उतारा था।

    इनमें से सिर्फ चार सीटों पर पार्टी को जीत मिली थी। भाजपा नेताओं का कहना है कि दिल्ली में लगभग 30 विधानसभा सीटों और 100 से अधिक वार्डों में अनुसूचित जाति के मतदाताओं की संख्या 16 प्रतिशत से लेकर 40 प्रतिशत से अधिक है।

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    विधानसभा चुनाव में इन सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी ने विशेष ध्यान दिया था, इसके अच्छे परिणाम आए थे। इनमें से चार आरक्षित सीटों के साथ ही 18 सीटों पर पार्टी को जीत मिली थी।

    नगर निगम चुनाव में इस वर्ग का वोट मिल सके, इसके लिए पार्टी विशेष रणनीति तैयार कर रही है। इसी कड़ी में मंडल व जिला स्तर पर इन्हें उचित प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है।

    जिलों की पिछली टीम में अनुसूचित जाति के लगभग 22 नेताओं को दायित्व दिया गया था। इस बार यह संख्या 35 तक पहुंच गई है। लगभग सभी जिलों में यह प्रयास किया गया है कि महामंत्री और उपाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद अनुसूचित जाति के नेताओं को मिलें। दो जिलों की टीम अभी घोषित नहीं हुई है।

    अनुसूचित जाति के सम्मान के लिए कई योजनाएं शुरू की

    दिल्ली प्रदेश भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष मोहन लाल गिहारा का कहना है कि केंद्र व राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति के कल्याण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। महापुरुषों को सम्मान दिया जा रहा है।

    बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर से जुड़े स्थलों को पंचतीर्थ के रूप में विकसित किया गया है। अयोध्या में एयरपोर्ट का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया है। संगठन में भी उचित प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है, जिससे इस वर्ग के लोग भाजपा के साथ जुड़ रहे हैं।

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