दिल्ली में 'तीसरी आंख' का बढ़ेगा पहरा, स्ट्रीट लाइटें महिलाओं को देंगी 'सुरक्षा का प्रकाश'
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली बजट में महिला सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। 225 करोड़ रुपये से 50,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे और मौजूदा कैमरों का रख ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य-AI Generated
HighLights
50,000 नए सीसीटीवी कैमरे लगेंगे, 225 करोड़ रुपये आवंटित।
पारंपरिक स्ट्रीट लाइटें स्मार्ट एलईडी सिस्टम से बदली जाएंगी।
महिलाओं के लिए 11 नए वन स्टॉप सेंटर बनेंगे।
स्वदेश कुमार, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बजट में इस बार महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया है। पिछले बजट में सीसीटीवी कैमरे और स्ट्रीट लाइटें प्राथमिकता में नहीं आ पाई थीं। लेकिन इस बार इस पर ध्यान दिया गया।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि उनकी सुरक्षा केवल एक चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि शासन की प्राथमिकता है। सीसीटीवी कैमरों के जाल से लेकर स्मार्ट स्ट्रीट लाइट्स और वन स्टाप सेंटर्स तक, यह बजट महिला सुरक्षा के हर पहलू को स्पर्श करता है।
दिल्ली की गलियों और मोहल्लों में महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के लिए सरकार ने ''तीसरी आंख'' यानी सीसीटीवी कैमरों के नेटवर्क को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने बजट में मौजूदा कैमरों के संचालन और रखरखाव के साथ-साथ 50,000 अतिरिक्त नए कैमरे लगाने के लिए 225 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रविधान
इसका उद्देश्य शहर के उन ''डार्क स्पाट्स'' और गलियों को कवर करना है, जहां अपराधी अंधेरे या निगरानी की कमी का फायदा उठाते हैं। कैमरों की संख्या बढ़ने से न केवल अपराध को रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में पुलिस के लिए साक्ष्य जुटाना भी आसान होगा।
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अक्सर देखा गया है कि खराब स्ट्रीट लाइट्स महिलाओं के मन में असुरक्षा का सबसे बड़ा कारण बनती हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए लोक निर्माण विभाग की सड़कों पर एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। बजट में 50 करोड़ रुपये का प्रविधान किया गया है, जिसके तहत सभी पारंपरिक स्ट्रीट लाइट्स को ऊर्जा कुशल स्मार्ट एलईडी सिस्टम से बदला जाएगा।
ये स्मार्ट लाइट्स न केवल बिजली की बचत करेंगी, बल्कि रिमोट से संचालित भी होंगी। ये कंट्रोल रूम से भी जुड़ी होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर कहीं भी लाइट खराब होगी तो इसकी सूचना कंट्रोल रूम को मिल जाएगी। इससे मरम्मत कार्य में देरी नहीं होगी। पूरी दिल्ली को दूधिया रोशनी में नहलाने की यह योजना महिलाओं के रात्रिकालीन आवागमन को भयमुक्त बनाएगी।
11 नए वन स्टाप सेंटर
सुरक्षा केवल सड़क पर ही नहीं, बल्कि संकट के समय मिलने वाली सहायता में भी निहित है। घरेलू हिंसा या अन्य किसी भी प्रकार के उत्पीड़न का सामना कर रही महिलाओं के लिए सरकार ने 16 करोड़ रुपये की लागत से 11 नए ''वन स्टॉप सेंटर'' बनाने की घोषणा बजट में की है।
फिलहाल सभी जिलों में इस तरह के एक-एक सेंटर चल रहे हैं। यहां महिलाओं को मेडिकल सहायता, कानूनी सलाह, मनोवैज्ञानिक परामर्श और अस्थाई आश्रय दिया जाता है।
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