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    यमुना में गंदा पानी रोकने के लिए दोगुनी होगी सीवरेज उपचार क्षमता, बजट में 10 नए एसटीपी बनाने का प्रस्ताव

    Updated: Tue, 24 Mar 2026 11:41 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली सरकार यमुना सफाई के लिए सीवरेज उपचार क्षमता दोगुनी कर रही है। बजट में 10 नए एसटीपी का प्रस्ताव है, जबकि 37 मौजूदा संयंत्रों का उन्नयन जारी है। ...और पढ़ें

    यमुना में गंदगी रोकने के लिए सीवरेज उपचार क्षमता दोगुना करने की घोषणा।

    यमुना में गंदगी रोकने के लिए सीवरेज उपचार क्षमता दोगुना करने की घोषणा।

    HighLights

    1. यमुना सफाई हेतु सीवरेज उपचार क्षमता दोगुनी होगी।

    2. 37 एसटीपी का उन्नयन, 10 नए संयंत्र प्रस्तावित।

    3. अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछाने का कार्य जारी।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। स्वच्छ व अविरल यमुना भाजपा का प्रमुख प्रमुख चुनावी मुद्दा रहा है। पिछले वर्ष सत्ता में आने के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की देखरेख में सफाई कार्य शुरू हो गया है। केंद्र व पड़ोसी राज्यों के सहयोग से चल रहे इस कार्य को गति देने के लिए दिल्ली सरकार के बजट में भी प्रावधान किया गया है। नदी में गंदा पानी न गिरे इसके लिए सीवरेज उपचार क्षमता दोगुना करने की घोषणा की गई है।

    दिल्ली में 37 सीवरेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) के उन्नयन का काम चल रहा है। इससे एक वर्ष में इनकी क्षमता 707 मिलियन गैलन प्रतिदिन (एमजीडी) से बढ़ाकर 814 एमजीडी किया गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हमारा लक्ष्य एसटीपी की कुल क्षमता को बढ़ाकर 1500 एमजीडी करना है। इसके लिए 35 विकेंद्रीकृत सीवरेज उपचार संयंत्रों (डीएसटीपी) को स्वीकृति दी गई है। 10 नए एसटीपी बनाने का प्रस्ताव है।

    यमुना को प्रदूषण मुक्त करने में बड़ी बाधा

    दिल्ली के सभी क्षेत्रों में सीवर लाइन नहीं होना भी यमुना को प्रदूषण मुक्त करने में बड़ी बाधा है। इसे ध्यान में रखकर सीवर लाइन बिछाने का काम चल रहा है। पिछले एक वर्ष में 180 किलोमीटर नई सीवर लाइन बिछाई गई है। 110 किलोमीटर सीवर लाइन बदली गई है। राजधानी की 1799 अनधिकृत कॉलोनियों में से 1235 कालोनियों में सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है और 145 में काम जारी है। लगभग 18 प्रतिशत अनधिकृत कॉलोनियों में सीवर लाइन नहीं है।

    “यह एक ऐतिहासिक बजट है। पिछले बजट की तुलना में इस बजट में और भी अधिक योजनाएं शामिल की गई हैं और हर वर्ग की आवश्यकताओं का ध्यान रखा गया है। इसे हरित बजट का नाम दिया गया है। इसका उद्देश्य दिल्ली को हरित और बेहतर बनाना है, चाहे वह जल प्रदूषण हो या वायु प्रदूषण। इन सभी पहलुओं को इसमें शामिल किया गया है।” - प्रवेश वर्मा, दिल्ली के जल मंत्री

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