रेखा सरकार का दूसरा बजट मूलभूत सुविधाओं में सुधार पर केंद्रित, वायु प्रदूषण से निपटने पर जोर
रेखा गुप्ता सरकार का दूसरा बजट वायु प्रदूषण से निपटने और मूलभूत सुविधाओं में सुधार पर केंद्रित है। कुल बजट का 21% पर्यावरण संरक्षण के लिए आवंटित किया ...और पढ़ें

मूलभूत समस्याओं से निजात की आस बंधाता दिल्ली बजट 2026।
HighLights
पर्यावरण संरक्षण के लिए बजट का 21% आवंटित।
महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये मिलने की उम्मीद।
ट्रैफिक जाम अध्ययन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान।
सौरभ श्रीवास्तव, नई दिल्ली। राजधानी की सबसे गंभीर समस्या वायु प्रदूषण के दृष्टिकोण से देखा जाए तो रेखा गुप्ता सरकार का यह दूसरा बजट उम्मीद जगाता है। ग्रीन बजट बताते हुए कुल बजट का 21 प्रतिशत पर्यावरण संरक्षण की विभिन्न योजनाओं के लिए आवंटित करना दर्शाता है कि पहले साल में प्रयास भले उस स्तर पर न रहे हों, लेकिन सरकार की नजर में वायु प्रदूषण एक बड़ी चिंता अवश्य है।
सरकार ने जहां प्रदूषण घटाने के लिए प्रत्यक्ष उपायों के तहत सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने व वन एवं पर्यावरण विभाग का बजट बढ़ाने का काम किया है, वहीं परोक्ष उपायों में नालों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाने की योजना के साथ ही दिल्ली में सेमीकंडक्टर और ड्रोन पॉलिसी लाने जैसी योजनाएं महत्वपूर्ण हैं।
ट्रैफिक जाम को लेकर नहीं हुए कुछ प्रयास
दिल्ली में यातायात जाम एक बड़ी समस्या है और इसे लेकर कोई गंभीर प्रयास विगत कुछ वर्षों में नजर नहीं आया है। न ही लोक निर्माण विभाग इसके लिए कुछ करता नजर आया है और न ही यातायात पुलिस। यातायात जाम की समस्या वायु प्रदूषण से भी सीधे जुड़ी हुई है।
मौजूदा बजट में दिल्ली को जाममुक्त करने के लिए व्यवहार्यता अध्ययन कराने का प्रस्ताव किया गया है। यह दर्शाता है कि यदि इसे गंभीरता से लिया गया तो इस अध्ययन पर काम करके राजधानी को सुनियोजित तरीके से जाममुक्त करने के गंभीर प्रयास किए जा सकते हैं।
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प्रति महीने 2500 रुपये की जगी उम्मीदें
मुख्यमंत्री को दिल्ली की महिलाएं रेखा दीदी कहती हैं। रेखा दीदी ने बजट में महिलाओं का खास ख्याल भी रखा है। 2500 रुपये प्रतिमाह देने की चुनावी घोषणा इस बार पूरी होने की उम्मीद जगी है। महिलाएं आत्मनिर्भर बनें और सुरक्षित रहें, इसकी चिंता बजट में साफ नजर आती है। दिल्ली को और संपन्न बनाने के लिए महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना भी जरूरी है।
नई सड़कें व फ्लाईओवर निर्माण, सभी को नल से स्वच्छ पेयजल, अनियोजित कालोनियों को सीवर लाइनों से जोड़ने, सीवरेज शोधन क्षमता बढ़ाने, ड्रेनेज व्यवस्था में सुधार, झुग्गी झोपड़ीवासियों को मकान उपलब्ध कराने और शिक्षा व स्वास्थ्य ढांचा मजबूत करने से जुड़ी योजनाओं में प्रमुखता से बजटीय आवंटन किया जाना सरकार की मूलभूत सुविधाओं में सुधार की मंशा दर्शाता है।
दिल्ली को वैश्विक सुविधाओं वाला महानगर बनाने की बातें करने से पहले राजधानी की मूलभूत समस्याओं को दूर किया जाना जरूरी है। सरकार के बजट से यह दृष्टिकोण परिलक्षित होता है, जिसे दिल्ली और दिल्लीवासियों के लिए एक सकारात्मक संकेत कहा जा सकता है।