दिल्ली बजट 2026: परिवहन विभाग को 8,374 करोड़ रुपये प्रस्तावित, बढ़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें
दिल्ली विधानसभा में परिवहन विभाग के लिए 8,374 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। इसका मुख्य लक्ष्य सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाना है, जिसमें ...और पढ़ें

दिल्ली बजट में परिवहन विभाग को 8,374 करोड़ रुपये प्रस्तावित।

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में प्रस्तुत किए गए बजट में परिवहन विभाग के लिए 8,374 करोड़ का बजट प्रस्तावित किया गया है। पिछले साल सार्वजनिक परिवहन के लिए 12,952 करोड़ प्रस्तावित किए थे। मार्च 2027 तक कुल 7,500 बसें की की जाएंगी, जिनमें 5,800 इलेक्ट्रिक होंगी। 2029 तक यह संख्या 12,000 इलेक्ट्रिक बसों तक पहुंचाई जाएगी।
दिल्ली मेट्रो के फेज-चार और पांच के लिए 2,885 करोड़ प्रस्तावित हैं। पिछले वर्ष की 6,532 करोड़ की बकाया राशि भी चुकाई जा रही है। दिल्ली-गुरुग्राम-एसएनबी (शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़) और दिल्ली-पानीपत-सोनीपत नमो भारत कारीडोर को भी मंजूरी मिल चुकी है। इस परियोजना के लिए 568 करोड़ प्रस्तावित हैं।
इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0 के लिए 200 करोड़ आवंटित
वहीं सीएम ने क्लीन एनर्जी की ओर बढ़ते हुए दिल्ली इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2.0 के लिए 200 करोड़ आवंटित किए हैं। सीएम गुप्ता ने कहा कि फंड का यह आवंटन प्रदूषण कम करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। गाड़ी खरीदने और स्क्रैपिंग स्कीम को चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ मिलाकर, हम दिल्ली को ज़ीरो-एमिशन मोबिलिटी की ओर ले जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली के ईवी बस फ्लीट को 2026-27 वित्तीय वर्ष के आखिर तक मौजूदा 4,400 से बढ़ाकर 5,800 करने और इसी दौरान बसों की कुल संख्या 7,500 तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 320 करोड़ रुपये का बजट
गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को सपोर्ट करने के लिए साल 2026-27 के लिए, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और दूसरे कैपिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए 320 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। सीएम ने कहा कि हम ई-बाइक, ई-ऑटो, ई-टैक्सी और भारत टैक्सी सर्विस के जरिए जीरो-एमिशन और आसान कनेक्टिविटी पाने के लिए भी कदम उठाएंगे।
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पांच नए ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन बनाएगी
गाड़ियों के फिटनेस इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाने के लिए दिल्ली सरकार पांच नए ऑटोमैटिक टेस्टिंग स्टेशन बनाएगी, जिसके लिए 50 करोड़ रुपये दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2026-27 में, बवाना, गाज़ीपुर, सावदा घेवरा, जीटी करनाल रोड और डिचाओं कलां में पांच और एटीएस बनाए जाएंगे। 6,50,000 कमर्शियल गाड़ियों की फिटनेस टेस्टिंग के लिए नंद नगरी, बुराड़ी और तेहखंड में तीन स्टेशनों पर पहले से ही काम चल रहा है।