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    दिल्लीवालों को तगड़ा झटका, इस माह भी उपभोक्ताओं को चुकाना होगा अधिक बिजली बिल

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 09:53 PM (IST)

    दिल्ली के उपभोक्ताओं को एक और महीने के लिए अधिक बिजली बिल चुकाना होगा, क्योंकि डिस्कॉम को 10% की निर्धारित सीमा से अधिक बिजली खरीद समायोजन शुल्क (PPAC ...और पढ़ें

    दिल्ली के उपभोक्ताओं को एक और महीने के लिए अधिक बिजली बिल चुकाना होगा।

    दिल्ली के उपभोक्ताओं को एक और महीने के लिए अधिक बिजली बिल चुकाना होगा।

    HighLights

    1. डिस्कॉम को एक और माह PPAC वसूलने की अनुमति।

    2. बीएसईएस, टाटा पावर को बढ़ी दरों पर मंजूरी मिली।

    3. ईंधन लागत बढ़ने से उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को एक और माह के लिए उपभोक्ताओं से निर्धारित सीमा 10 प्रतिशत से अधिक बिजली खरीद समायोजन शुल्क (पीपीएसी) वसूलने की अनुमति मिल गई है। पिछले माह भी उन्हें यह अनुमति दी गई थी।

    दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (डीईआरसी) द्वारा जारी आदेश के अनुसार बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) को 17.94 प्रतिशत और बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड को 17.43 प्रतिशत पीपीएसी वसूलने की अनुमति दी गई है। यह पिछले माह के बराबर है।

    वहीं, टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रिब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडील) को पिछले माह के 15.99 प्रतिशत की जगह 12.21 प्रतिशत वसूलने की अनुमति दी गई है।

    अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत निर्धारित की गई

    ईंधन की लागत बढ़ने से डिस्काम को महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। इसकी भरपाई के लिए डिस्कॉम उपभोक्ताओं पर पीपीएसी लगाती हैं। इसकी अधिकतम सीमा 10 प्रतिशत निर्धारित की गई है। लेकिन दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों ने पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति के कारण बिजली खरीद लागत अधिक होने का तर्क देकर डीईआरसी से इस सीमा से अधिक पीपीएसी वसूलने की अनुमति मांगी थी।

    जारी आदेश में मई के लिए भी उन्हें अनुमति मिल गई

    डीईआरसी ने अप्रैल माह की बिजली खरीद पर बीआरपीएल को 17.94 प्रतिशत, बीवाईपीएल को 17.43 प्रतिशत और टीपीडीडील 15.99 प्रतिशत पीपीएसी वसूलने की अनुमति दी थी। 10 जुलाई को जारी आदेश में मई के लिए भी उन्हें अनुमति मिल गई है। उपभोक्ताओं से आदेश जारी होने के बाद के बिजली बिल में इसे वसूला जाएगा। बिजली अधिकारियों का कहना है कि डीईआरसी का आदेश एक माह के लिए मान्य होगा।

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