दिल्ली में 'नया सफर योजना' लागू, पुराने कमर्शियल वाहनों को बदलने पर 9,585 करोड़ क्यों खर्च कर रही सरकार?
दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण कम करने के लिए 'नया सफर योजना' शुरू की है, जिसके तहत पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा। ...और पढ़ें

दिल्ली से पुराने ट्रकों-बसों को हटाने की प्रक्रिया शुरू। (AI Generated Image)
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पुराने ट्रकों-बसों को हटाने के लिए 'नया सफर योजना' शुरू।
BS-VI और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन, आर्थिक लाभ मिलेंगे।
योजना दो साल चलेगी, डिजिटल पोर्टल से होगी निगरानी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने राजधानी और एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 'नया सफर योजना' लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड के माध्यम से संचालित इस योजना का उद्देश्य बीएस-चार और उससे पुराने व्यावसायिक वाहनों के स्थान पर बीएस-छह अथवा इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना है। योजना के तहत आर्थिक प्रोत्साहन, टैक्स में छूट और स्क्रैपेज लाभ दिए जाएंगे।

सौजन्य- AI Generated
नए वाहनों पर 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स की छूट
योजना के अनुसार पात्र नए वाहनों पर 100 प्रतिशत मोटर व्हीकल टैक्स की छूट, पात्र पुरानी (यूज्ड) गाड़ियों की खरीद पर 10 वर्ष के लिए 50 प्रतिशत टैक्स राहत, रजिस्ट्रेशन फीस माफी तथा स्क्रैप किए जाने वाले पात्र वाहनों के रोड टैक्स और फिटनेस पेनल्टी में छूट मिलेगी।

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ये लाभ केंद्र सरकार की ब्याज सब्सिडी, फ्यूल वाउचर, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन राशि तथा वाहन निर्माताओं की ओर से मिलने वाली छूट के अतिरिक्त होंगे।
2 लाख से ज्यादा वाहन मालिकों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ करीब 2.07 लाख निजी ट्रक और बस मालिकों को मिलने का अनुमान है। दिल्ली के लिए विशेष प्रविधानों के तहत योजना के माध्यम से खरीदे जाने वाले लाइट गुड्स व्हीकल केवल इलेक्ट्रिक होंगे, जबकि बसें केवल बीएस-छह सीएनजी या इलेक्ट्रिक खरीदी जा सकेंगी। वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैपिंग के लिए पंजीकृत व्हीकल स्क्रैपिंग सेंटरों का उपयोग किया जाएगा।
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9,585 करोड़ रुपये होंगे खर्च
योजना का कुल बजट 9,585 करोड़ रुपये है, जिसमें नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड के माध्यम से केंद्र सरकार 5,041 करोड़ रुपये देगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल 'नया सफर पोर्टल' के जरिए संचालित होगी, जिससे पात्रता सत्यापन, प्रोत्साहन राशि का स्वत: वितरण और निगरानी सुनिश्चित होगी। योजना दो वर्ष तक लागू रहेगी।

परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इससे स्वच्छ व टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा मिलेगा, प्रदूषण घटेगा और परिवहन संचालकों को अपने बेड़े का आधुनिकीकरण करने में आर्थिक सहायता मिलेगी।
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