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    निर्माण स्थलों से होने वाले प्रदूषण पर अब AI की नजर, दिल्ली में लॉन्च हुआ 'धूल पोर्टल 2.0'

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 08:42 PM (IST)

    दिल्ली में निर्माण और विध्वंस स्थलों से होने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 'धूल पोर्टल 2.0' और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है। यह एआई-आधारित ...और पढ़ें

    वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 'धूल पोर्टल 2.0' और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है।

    वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए 'धूल पोर्टल 2.0' और मोबाइल ऐप लॉन्च किया गया है।

    HighLights

    1. दिल्ली में 'धूल पोर्टल 2.0' लॉन्च, AI से प्रदूषण निगरानी।

    2. निर्माण स्थलों से होने वाले धूल प्रदूषण पर नियंत्रण।

    3. जीआईएस मैपिंग, सेंसर से वायु गुणवत्ता का विश्लेषण।

    राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में निर्माण और विध्वंस स्थलों से होने वाले वायु प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफार्म ‘धूल पोर्टल 2.0’ और इसका मोबाइल एप शुरू किया गया है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) द्वारा तैयार यह आधुनिक प्लेटफार्म एआई की मदद से धूल नियंत्रण के उपायों की सीधी निगरानी करेगा। पोर्टल 1.0 में अपेक्षाकृत कम विशेषताएं थीं।

    दिल्ली सरकार के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के वायु प्रदूषण में निर्माण गतिविधियों और सड़क की धूल का बड़ा हाथ है। गर्मियों में यह कुल प्रदूषण का लगभग 27 प्रतिशत और सर्दियों में 15 प्रतिशत हिस्सा बनती है।

    इसके अलावा, पीएम-10 उत्सर्जन में इसकी हिस्सेदारी 66 प्रतिशत और पीएम-2.5 में करीब 38 प्रतिशत है। इसी बड़ी चुनौती से निपटने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार को इस पोर्टल की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर पर्यावरण मंत्री सरदार मनजिंदर सिंह सिरसा सहित वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

    पोर्टल स्वतः ही येलो, ऑरेंज और रेल अलर्ट जारी करेगा

    डीपीसीसी अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी रूप से यह पोर्टल जीआईएस मैपिंग, 360 डिग्री कैमरों और पीएम-10 व पीएम-2.5 सेंसर जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है। यह निर्माण स्थलों के पास मौजूद वायु गुणवत्ता निगरानी केंद्र से आंकड़े लेकर हवा की गुणवत्ता का विश्लेषण करेगा। जैसे ही किसी जगह पर प्रदूषण का स्तर निर्धारित मानकों से ऊपर जाएगा, यह सिस्टम स्वतः ही यलो, ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी कर देगा।

    पोर्टल पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल

    इस पोर्टल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह से पारदर्शी और डिजिटल है। इसके जरिए नियमों का पालन करने वाली साइटों को अनुपालन प्रमाणपत्र और नियमों का उल्लंघन करने वालों को कार्रवाई के नोटिस अपने आप जारी हो जाएंगे। इससे कागजी काम कम होगा और लापरवाही बरतने वालों पर भी तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। दावा किया गया है कि इस वैज्ञानिक और एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म से दिल्ली में धूल प्रदूषण नियंत्रण की व्यवस्था अधिक मजबूत बनेगी।

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