दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा, खड़ी कार से टकराई KTM बाइक; दो दोस्तों की मौत
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पंक्चर खड़ी कार से केटीएम बाइक टकराने से दो दोस्तों की मौत हो गई। यह हादसा उस एक्सप्रेसवे पर हुआ जहां बाइक प्रतिबंधित ह ...और पढ़ें

मृतक अमान अली व मोहम्मद फैज। फाइल फोटो
HighLights
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बाइक-कार की भीषण टक्कर।
पंक्चर खड़ी कार से टकराई बाइक, दो दोस्तों की मौत।
NHAI पर मदद न देने का आरोप, पुलिस जांच जारी।
जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर मंगलवार दोपहर पंक्चर हुई खड़ी कार में पीछे से केटीएम स्पोट्स बाइक ने जाेरदार टक्कर मार दी। एक बस को ओवरटेक करने के दौरान हादसा हुआ।
टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों दोस्तों की मौत हो गई। कार का पिछला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। यह हादसा उस एक्सप्रेसवे पर हुआ है, जहां बाइक प्रतिबंधित है। यहां वाहनों की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
तीन घंटे से कार एक्सप्रेसवे पर खड़ी थी। मृतकों की पहचान चूड़ीवालान निवासी अमान अली (25) व चौहान बांगर निवासी मोहम्मद फैज (25) के रूप में हुई है। हादसे के वक्त दोनों ने हेलमेट लगाए हुए थे।
समय पर मदद मिलती तो बच सकती था जान
न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने लापरवाही से मौत की धारा में केस दर्ज कर केटीएम बाइक व टियागो कार अपने कब्जे में ले ली है। कार चालक का आरोप है कि एनएचएआइ ने समय पर मदद की होती तो दोनों युवकों की जान नहीं जाती।
अमान के परिवार के माता-पिता व एक जुड़वा भाई है। वह आनलाइन किताब बेचने का काम करते थे। पुलिस ने बताया कि अमान मंगलवार को चौहान बांगर क्षेत्र में रहने वाले अपने दोस्त मोहम्मद फैज से मिलने के लिए आया था।

इसके बाद यह दोनों बाइक पर सवार होकर मौजपुर से गामड़ी होते हुए एक्सप्रेसवे पर चढ़े। बाइक की गति 80 किलोमीटर रही होगी। दोपहर एक बजे उस्मानपुर दूसरा पुश्ते के पास एक बस को ओवरटेक करने लगे।
वहीं पर एक टायर पंक्चर कार खड़ी थी। बाइक ने पीछे से कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही दोनों दोस्त उछलकर कुछ दूर जाकर गिरे। हादसे के वक्त कार चालक कार के बाहर खड़ा हुआ था।
आरोप चार काल करने के बाद भी एनएचएआइ से नहीं मिली कोई मदद
कार चालक प्रवीण कुमार झा ने बताया कि वह गाजियाबाद स्थित डीएलएफ में रहते हैं। कनाट प्लेस में एक निजी कंपनी में वह मैनेजर हैं। रोजाना वह एक्सप्रेसवे से कार से आना जाना करते हैं। वह मंगलवार सुबह कार से अपने आफिस जा रहे थे।
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दस बजे न्यू उस्मानपुर दूसरा पुश्ता के पास उनकी कार पंक्चर हो गई। इससे पहिया जाम हो गया। बीच में ही उन्हें कार खड़ी करनी पड़ी। उन्होंने चारों पार्किंग डिपर चालू कर दिए। इसके साथ ही वार्निंग ट्रायंगल भी लगाया हुआ था।
ताकि पीछे से आ रहे वाहन चालक सावधान रहे। आरोप लगाया कि मदद के लिए एनएचएआइ को चार बार मदद के लिए काल की, मदद नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने तीन अलग-अलग क्रेन वालों को फोन किए, क्रेन वाले अलग-अलग कीमत मांगने लगे।
जब वह राजी हो गए तो पहले एडवांस पैमेंट मांगने लगे। उन्होंने पेमेंट भी भेज दी, फिर भी क्रेन नहीं आई। तीन घंटे तक कार एक्सप्रेसवे पर खड़ी थी। हादसा होते ही सभी विभाग मौके पर पहुंच गए। इस मामले में फोन के जरिये एनएचएआइ का पक्ष लेने का काफी प्रयास किया, अधिकारियों से बात नहीं हो सकी।
एक बजे पुलिस को हादसे की सूचना मिली थी। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
राहुल अलवाल, जिला पुलिस उपायुक्त।