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    दिल्ली को देहरादून एक्सप्रेस-वे से जोड़ने का नहीं था प्लान, मनोज तिवारी की वजह से 2018 में बदली योजना

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 09:46 PM (IST)

    दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण हो गया है, जिसे पहले गाजियाबाद से शुरू करने की योजना थी। 2018 में सांसद मनोज तिवारी के सुझाव पर इसे अक्षरधाम, ...और पढ़ें

    मनोज तिवारी की पहल से दिल्ली को देहरादून एक्सप्रेस-वे से जोड़ा गया। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

    मनोज तिवारी की पहल से दिल्ली को देहरादून एक्सप्रेस-वे से जोड़ा गया। (एआई से निर्मित ग्राफिक्स)

    HighLights

    1. एक्सप्रेसवे की मूल योजना गाजियाबाद से शुरू होने की थी।

    2. मनोज तिवारी के सुझाव पर दिल्ली से जोड़ा गया।

    3. यह दिल्ली-यमुनापार के लिए नई लाइफलाइन साबित होगा।

    सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का मंगलवार को लोकार्पण हो गया और इसे पूरी दिल्ली और यमुनापार की लाइफलाइन माना जा रहा है। लेकिन साल 2018 तक की प्लानिंग में इस एक्सप्रेसवे का दिल्ली से कोई सरोकार ही नहीं था। इसे गाजियाबाद से शुरू होकर वाया लोनी रोड सहारनपुर और देहरादून तक बनाया जाना था।

    एचएचएआई की कमेटी के सदस्य और उत्तर पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने इसे अक्षरधाम से बनाने का सुझाव दिया और इसके बाद इसका प्लान बदलकर इसे दिल्ली से बनाया गया।

    गांधी नगर में हुए लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने भी इसे लेकर मनोज तिवारी को बधाई दी। मनोज तिवारी ने बताया कि 2018 में जब एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना बन रही थी तब इसे गाजियाबाद से बनाया जाना था। लोनी रोड को नेशनल हाईवे के रूप में नोटिफाई किया गया था जबकि पुश्ता रोड जिसपर अब एक्सप्रेसवे बनाया गया है वह राज्य की सड़क थी।

    बैठक में उन्होंने सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी को यह सुझाव दिया कि अगर यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से निकलता है तो इसका लाभ दिल्ली के लाखों लोगों को होगा। इसके बाद इसे यहां से बनाने की योजना बनी। पुश्ता रोड को एनएच के रूप में नोटिफाई किया गया और यहां 2019 में निर्माण शुरू हुआ।

    दिल्ली के विकास को नई दिशा देगा एक्सप्रेसवे: हर्ष मल्होत्रा

    केंद्रीय राज्यमंत्री और पूर्वी दिल्ली के सांसद हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश उद्योगों के हब बन रहे हैं। दिल्ली के तमाम उद्यमियों के प्लांट यूपी और उत्तराखंड में हैं। ऐसे में आर्थिक कारिडोर के रूप में इसका सीधा लाभ उद्यमियों और व्यापारियों को मिलेगा। इसके साथ ही यमुनापार के पूर्वी जिला और उत्तर पूर्वी दोनों जिलों की लगभग 18-20 लाख की आबादी को दिल्ली में किसी भी जगह आवागमन में सुविधा होगी।

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    कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

    लोकार्पण कार्यक्रम में विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, विधायक संजय गोयल, अजय महावर, अनिल गोयल, जितेंद्र महाजन, ओमप्रकाश शर्मा, जिलाध्यक्ष दीपक गाबा, यूके चौधरी, मास्टर विनोद, भारत गौड़ और राजेश साहनी समेत पार्षद मौजूद रहे।

    लोग बोले

    एक्सप्रेसवे सिर्फ देहरादून या सहारनपुर जाने वालों के लिए ही नहीं, दिल्ली में रहने वालों के लिए भी बहुत फायदेमंद साबित होगा। यह सरकार की अच्छी सोच को दिखाता है। - राजेश साहनी

    अभी भजनपुरा जाना हो तो गांधी नगर और सीलमपुर पर जाम से जूझना पड़ता था। अब एक्सप्रेसवे से सफर बेहद आसान हो गया। - सुभाष शर्मा

    पहले देहरादून जाने में छह घंटे लगते थे अब यह सफर सिर्फ ढाई घंटे में होगा। एक दिन में ही देहरादून जाकर आराम से आ सकते हैं। - प्रवीण चौधरी

    खजूरी से कनॉट प्लेस जाना होता था तो आइटीओ पहुंचने में ही एक घंटा लग जाता था। एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद आधे घंटे में पहुंच जाते हैं। - जितेंद्र

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