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    दिल्ली में आवारा कुत्तों का कहर... एक गांव में ही आधा दर्जन हमले, निगम के पास सिर्फ खटारा एंबुलेंस

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 09:07 PM (IST)

    बाहरी दिल्ली के मुबारकपुर डबास गांव में एक पागल कुत्ते ने कई लोगों को काटा, जिसमें एक तीन साल का बच्चा भी गंभीर रूप से घायल हो गया। नगर निगम (MCD) को ...और पढ़ें

    बाहरी दिल्ली के मुबारकपुर डबास गांव में एक पागल कुत्ते ने कई लोगों को काटा। इमेज एआई

    बाहरी दिल्ली के मुबारकपुर डबास गांव में एक पागल कुत्ते ने कई लोगों को काटा। इमेज एआई

    धर्मेंद्र यादव, बाहरी दिल्ली। कल मुबारकपुर डबास गांव में पागल कुत्ते ने खूब आतंक मचाया। दिनभर लगभग आधा दर्जन लोगों का काटा, ग्रामीण नगर निगम से मदद मांगते रहे, लेकिन पागल कुत्ते को पकड़ने के लिए कोई नहीं पहुंचा। इसके बाद आवारा व हिंसक कुत्तों से निपटने को लेकर नगर निगम के प्रबंध व तैयारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    मुबारकपुर डबास गांव की घटना के बाद पड़ताल में सामने आया कि हिंसक कुत्तों को लेकर रोहिणी नगर निगम जोन में हर रोज औसतन सौ से ज्यादा काल आती हैं। लेकिन, संसाधन के नाम पर केवल एक 'खटारा' एनिमल एंबुलेंस गाड़ी है। रोहिणी जोन की एंबुलेंस गाड़ी का प्रदूषण प्रमाण-पत्र व इंश्योरेंश की समयावधि खत्म हो चुकी है। स्टाफ की भी कमी है।

    रोहिणी जैसे हालात नगर निगम के अधिकांश जोन में बने हुए हैं। नगर निगम 12 में से तीन-चार जोन में तो गाड़ी ही नहींं है। हालांकि, नगर निगम के पशु चिकित्सा सेवा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि सभी जोन में एक-एक एनिमल एंबुलेंस है। लेकिन, जमीनी सच्चाई इससे इतर है।

    दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया कि नरेला जोन में सालभर से गाड़ी नहीं है। शाहदरा नार्थ जोन में एनिमल एंबुलेंस है, लेकिन शाहदरा साउथ जोन में नहीं है। दोनों जोन का काम एक ही गाड़ी से चल रहा है।

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    सूत्र बताते हैं कि लगभग सभी जोन में प्रतिदिन हिंसक व आवारा जानवरों से संबंधित सौ से ज्यादा काल आती हैं। साधन-संसाधन और स्टाफ की कमी के चलते दिनभर 10-15 प्रतिशत काल पर ही काम हो पाता है। बाकी जगहों पर नगर निगम की टीम पहुंच ही नहीं पाती है। शायद यही वजह है कि 36 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी तक मुबारकपुर डबास गांव में नगर निगम की टीम नहीं पहुंच पाई।

    निगम के सूत्रों के अनुसार, वर्ष 2016-17 में नगर निगम ने एनिमल एंबुलेंस खरीदी थीं। लगभग 10 साल पुराने इन वाहनों में से ज्यादातर खस्ता हालत में पहुंच चुके हैं। पिछले साल कुत्ता प्रेमियों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान रोहिणी जोन की एंबुलेंस क्षतिग्रस्त हो गई थी। मरम्मत के बाद एंबुलेंस हालांकि चल तो रही है, लेकिन वाहन की स्थिति ठीक नहीं है।

    वाहन के आनलाइन रिकार्ड के अनुसार, एंबुलेंस के प्रदूषण प्रमाण-पत्र व इंश्योरेंस की अवधि खत्म हो चुकी है। इस बारे में निगम के पशु चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि सभी जोन में एक-एक एंबुलेंस है। सीएनजी चालित इन वालों को वर्ष 2017 में खरीदा गया था।

    पागल कुत्ते ने तीन साल के बच्चे का कान काटा

    कल पागल कुत्ते के हमले में गंभीर रूप से जख्मी हुए तीन साल के युनय की मंगलवार को कान की सर्जरी हुई। हमले में युनय के कान का एक हिस्सा कट गया था। युनय के पिता गौरव ने बताया कि बच्चे को कल रोहिणी सेक्टर-22 के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था, आज कान की सर्जरी की हुई। अगले कुछ दिन में एक सर्जरी होगी।

    कॉरपोरेट कंपनी मे नौकरी कर रहे गौरव ने बताया कि युनय अपने दादा के साथ स्कूटी पर मार्केट गया था। दुकान के बाहर युनय स्कूटी से उतर रहा था तो पागल कुत्ते ने हमला कर दिया। जमीन पर गिरने के बाद कुत्ते ने कान व सिर के पिछले हिस्से पर हमला किया। बता दें कि गांव में तबस्सुम बेगम नामक महिला के दो बच्चों को भी इसी कुत्ते ने काटा था।

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