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दिल्ली में डेंगू-मलेरिया का बढ़ा प्रकोप, MCD की फॉगिंग पर पार्षदों ने उठाए सवाल; बोले- मशीनें खराब, दवाएं भी नहीं

Published: Wed, 02 Sep 2026 06:12 AM (IST)

राजधानी दिल्ली में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के बढ़ते मामलों के बावजूद एमसीडी की निष्क्रियता पर पार्षदों ने स्थायी समिति ...और पढ़ें

सिविक सेंटर में स्थायी समिति की बैठक में बोलती समिति की चेयरपर्सन सत्या शर्मा । सौजन्य- निगम

सिविक सेंटर में स्थायी समिति की बैठक में बोलती समिति की चेयरपर्सन सत्या शर्मा । सौजन्य- निगम

HighLights

  1. मच्छरजनित बीमारियों के बढ़ते मामलों पर एमसीडी की निष्क्रियता।

  2. फागिंग और दवा छिड़काव न होने पर पार्षदों की चिंता।

  3. अधिकारियों के दावों को पार्षदों ने किया सिरे से खारिज।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है डेंगू के जहां 311, मलेरिया के 119 और चिकनगुनिया के 22 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है लेकिन एमसीडी जमीनी स्तर पर कोई कार्य नहीं कर रही है।

न तो फागिंग हो रही है न ही दवाओं का छिड़काव हो रहा है। इससे मरीजों की संख्या और बढ़ने का अनुमान हैं। एमसीडी की स्थायी समिति की बैठक में स्वयं भाजपा के ही पार्षदों ने यह मुद्दा उठाया। हेमचंद गोयल द्वारा लगाए गए अल्पकालिक चर्चा पर यह बात सामने आई।

हेमचंद गोयल ने कहा कि न तो फागिंग हो रही है और बड़ी गाड़ियों पर इलाके में फागिंग की जाती थी वह भी अभी तक शुरू नहीं हुई है। इससे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दवाइंया तक नीचले स्टाफ के पास नहीं है।

हालांकि निगम स्वास्थ्य अधिकारी-2 अशोक रावत ने जमीनी स्तर पर कार्य करने की बात कही जिसे एक सिरे से स्थायी समिति के ज्यादातर पार्षदों ने खारिज कर दिया। साथ ही उन्होंने बोला की हर वार्ड में तीन से चार मशीनें फागिंग की दे रखी है।

जिस पर स्थायी समिति के सभी पार्षदों ने इसे खारिज कर दिया। पार्षदों ने यह भी कहा कि यह मशीनें खराब है चलती तक नहीं है। साथ ही जो मशीनें हैं उनके चलाने के लिए कर्मचारी तक नहीं है। जो मौजूदा डीबीसी कर्मी है वह यह मशीनें चलाने के लिए मना करते हैं।

स्थिति बहुत खराब

स्थायी समिति के डिप्टी चेयरमैन सत्यपाल सिंह ने कहा कि स्थिति बहुत खराब है। मच्छरजनित बीमारियों को गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारी कहते हैं उनके पास दवाइयां नहीं है। क्योंकि जब भी जोनल अधिकारियों से बात कही जाती है तो वहीं कहते हैं कि दवा की कमी है।

नेता सदन जयभगवान यादव ने कहा कि डीबीसी कर्मचारी क्योंकि अब एमटीएस हो गए हैं तो उन्हें भी यह मशीनें चलानी पड़ेगी इसके लिए उन्होंने सर्कुलर निकालने की बात कही।

अशोक रावत के दावों पर स्थायी समिति की चेयरपर्सन सत्या शर्मा ने कहा कि जो बाते अधिकािरियों की ओर से कही जा रही है वह पार्षदों के अनुसार सही साबित नहीं होती है। इसलिए अधिकारी इन सभी प्रश्नों का उत्तर लिखित में दें।

उल्लेखनीय है कि एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार वहीं, शशि यादव ने अस्पतालों में एच1 एन1 की कोई तैयारी न होने की भी बात कही। साथ ही सवाल उठाया कि निगम के अस्पतालों में इसके लिए कोई कार्य नहीं हो रहा है।

बेसहारा गायों की समस्या पर दैनिक जागरण की खबर हुई चर्चा

दिल्ली में बेसहारा गायों से होने वाली परेशानी का मुद्दा स्थायी समिति की बैठक में उठा। दैनिक जागरण द्वारा वसंत कुंज में बेहसहारा गायों की समस्या को लेकर उठाई गई खबर का जिक्र स्थायी समिति में भाजपा पार्षद जगमोहन मेहलावत ने किया।

उन्होंने कहा कि दैनिक जागरण ने इस समस्या को उठाया है। ऐसे में हमें चिंता करनी चाहिए कि बेसहारा गायों को गोशाला में भेजा जाए। हालांकि अधिकारियों ने गोशालाओं की क्षमता पूरी होने के कारण इसमें आने वाली समस्याों को भी बताया। जबकि पार्षदों ने एमसीडी पर इन गायों को पकड़ने के लिए पर्याप्त संसाधन न होने की बात भी कही।

पीपीपी माडल पर राजनबाबू टीबी अस्पताल में मेडिकल कालेज

राजन बाबू संक्रामक रोग अस्पताल में पीपीपी माडल पर मेडिकल कालेज बनाया जाएगा। इसके लिए एसबीआइ को एमसीडी ने वित्तीय सलाहरकार के तौर पर नियुक्त किया है।

माना जा रहा है मेडिकल कालेज पीपीपी माडल पर होगा उसके दो हिस्से होंगे एक में जहां एमसीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का इलाज न्यूनतम दरों पर किया जाएगा जबकि दूसरे में शुल्क लेकर इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।

विपक्ष ने लगाया अनिमितयता का आरोप

स्थायी समिति की बैठक में आप नेता प्रवीण कुमार ने विभिन्न प्रस्तावों मेें अनिमियता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई ऐसे प्रस्ताव हैं जिनकों अंग्रिम मंजूरी दे दी गई। जबकि निगम एक्ट में ऐसा कोई प्रविधान नहीं है।

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि टोल से लेकर ईसीसी वसूली में भ्रष्टाचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि वह इसकी शिकायत सीबीआइ को करेंगे।

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