अधूरी प्रेम कहानी का खौफनाक अंत! लव मैरिज न होने से परेशान डॉक्टर ने लिया एनेस्थीसिया का ओवरडोज, गई जान
दिल्ली के अरुणा आसफ अली अस्पताल में एक सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर सिमरप्रीत सिंह आनंद ने प्रेम संबंध में शादी की अनुमति न मिलने से तनाव में आकर एनेस्थीसिय ...और पढ़ें

दिल्ली में लव मैरिज न होने से परेशान डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर दी जान। (AI Generated Image)
HighLights
दिल्ली के अरुणा आसफ अली अस्पताल में डॉक्टर ने की आत्महत्या।
प्रेम संबंध में शादी की अनुमति न मिलने से थे तनाव में।
एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर अपनी जीवन लीला समाप्त की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी के अरुणा आसफ अली अस्पताल में तैनात एक सीनियर रेजिडेंट (एसआर) डाक्टर ने ड्यूटी के दौरान एनेस्थीसिया का ओवरडोज लेकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान लुधियाना के सिमरप्रीत सिंह आनंद के रूप में हुई है, जो लाजपत नगर में किराए के मकान में रह रहे थे और पिछले तीन वर्षों से अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में कार्यरत थे।
पुलिस को उनके बैग से तीन पन्नों का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने इसी अस्पताल की महिला डाक्टर से प्रेम संबंध और पारिवारिक स्तर पर विवाह के लिए सहमति न मिलने के कारण मानसिक तनाव में होने का जिक्र किया है। सिविल लाइंस थाना पुलिस की टीम मामले में आगे की जांच कर रही है।
उत्तरी जिले के डीसीपी के अनुसार, रविवार सुबह सिविल लाइंस थाना पुलिस को अस्पताल से पीसीआर काल मिली कि डाक्टरों का कमरा नंबर-109 रात से अंदर से बंद है। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। वहां सिमरप्रीत बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें तत्काल अस्पताल की इमरजेंसी में ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
मौके पर पहुंची क्राइम टीम और एफएसएल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कमरे से एक सिरिंज, एनेस्थीसिया की दवाओं की खाली शीशियां (एम्प्यूल), मृतक का बैग, तीन पन्नों का सुसाइड नोट और एक डायरी बरामद हुई। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है।
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टेक्निकल असिस्टेंट से लगवाया था कैनुला
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शनिवार रात सिमरप्रीत ने अस्पताल के एक टेक्निकल असिस्टेंट से तबीयत खराब होने का हवाला देकर अपने बाएं हाथ में कैनुला लगवाया था। इसके बाद उन्होंने आराम करने की बात कहकर खुद को कमरे में बंद कर लिया।
आशंका है कि उन्होंने उसी कैनुला के जरिए एनेस्थीसिया का ओवरडोज अपने शरीर में प्रविष्ट किया। रातभर कमरा बंद रहने पर सहकर्मी डाक्टरों को संदेह हुआ। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य और सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अलग जाति के चलते शादी के खिलाफ थे माता-पिता
सिमरप्रीत का पिछले दो वर्षों से अस्पताल में कार्यरत मूलरूप से जबलपुर की रहने वाली महिला डाक्टर से प्रेम संबंध था। अलग जाति होने के चलते मृतक के माता-पिता शादी के लिए राजी नहीं हुए। काफी मनाने के बाद भी जब वह नहीं माने तो सिमरप्रीत अवसाद में चले गए और आखिरकार अपनी जीवन लीला समाप्त करने का फैसला लिया।
चाचा ने लगाया हत्या का आरोप
वहीं, मृतक के चाचा ने प्रेमिका महिला डाक्टर पर हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अब तक की जांच और बरामद सुसाइड नोट के आधार पर प्रथम दृष्टया आत्महत्या की बात सामने आई है। सभी पहलुओं की जांच जारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया गया है।