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    दिल्ली में दो कुख्यात ड्रग्स तस्कर पिट एनडीपीएस के तहत गिरफ्तार, एक साल तक नहीं मिलेगी जमानत

    Updated: Thu, 12 Mar 2026 01:11 AM (IST)

    क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने दो कुख्यात ड्रग तस्करों, विजय कुमार और विकास, को पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार किया है। ये दोनों ए ...और पढ़ें

    क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने दो कुख्यात ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया।

    क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने दो कुख्यात ड्रग्स तस्कर को गिरफ्तार किया।

    HighLights

    1. दो ड्रग तस्कर पिट एनडीपीएस के तहत गिरफ्तार।

    2. आरोपियों को एक साल तक नहीं मिलेगी जमानत।

    3. क्राइम ब्रांच की ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। ड्रग्स तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने दो कुख्यात ड्रग्स तस्कर विजय कुमार उर्फ दैनी और विकास उर्फ विक्की पर पिट एनडीपीएस के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।

    पिट यानी पीआइटी एनडीपीएस एक्ट 1988, उन गंभीर नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों पर लगाया जाता है, जो लगातार ड्रग्स तस्करी के मामले में शामिल पाए जाते हैं। यह कार्रवाई शासन की ओर से की जाती है। यह उन अपराधियों के खिलाफ लगाया जाता है, जिनका जेल में बंद किया जाना जरूरी होता है।

    यह कार्रवाई विशेष आयुक्त (क्राइम ब्रांच) देवेश चंद्र श्रीवास्तव, संयुक्त आयुक्त धीरज कुमार और एडिशनल पुलिस कमिश्नर अभिषेक धानिया के नेतृत्व में जांच के बाद की गई है। क्राइम ब्रांच ने प्रिवेंटिव डिटेंशन के लिए प्रपोज़ल तैयार कर पिट एनडीपीएस डिवीज़न, रेवेन्यू डिपार्टमेंट व वित्त मंत्रालय को भेज दिया था।

    जिसके बाद उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि व ड्रग्स तस्करी के धंधे में उनकी सक्रियता को देखते हुए संबंधित अथॉरिटी ने 26 फरवरी को पिट एनडीपीएस के तहत डिटेंशन आर्डर जारी किया। इससे अब ये दाेनों एग्ज़िक्यूशन की तारीख से एक साल तक रेज में ही रहेंगे। इन्हें किसी भी काेर्ट से जमानत नहीं मिलेगी।

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    इस एक्ट के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन का मकसद संगठित और आदतन ड्रग्स तस्करी पर रोक लगाना और उन्हें गैर-कानूनी गतिविधि जारी रखने से रोकना है, जिससे समाज को नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रोपिक सब्सटेंस के नुकसानदायक असर से बचाया जा सके।

    डीसीपी राहुल अलवाल के मुताबिक विजय कुमार, नंद नगरी का रहने वाला है। वह नंद नगरी थाने का घोषित बदमाश और आदतन अपराधी है। इसका आपराधिक इतिहास 1992 से है। इसपर 50 केस दर्ज है, जिसमें हत्या, झघ्पटमारी, शराब तस्करी और ड्रग्स तस्करी से जुड़े अपराध शामिल हैं। 2007 में पहली बार नंद नगरी थाना पुलिस ने इसे 2.6 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार था।

    पिछले साल क्राइम ब्रांच ने उसे और उसके साथियों के पास से 726 ग्राम हेरोइन जब्त की थी। उसके ड्रग्स तस्करी के मामले में लगातार शामिल होने को देखते हुए क्राइम ब्रांच ने उसपर पिट एनडीपीएस लगाकर गिरफ्तार कर लिया ताकि वह भविष्य में तस्करी का धंधा न कर पाए। विकास, नजफगढ़ का रहने वाला है। वह भी ड्रग्स तस्करी में लंबे समय से शामिल रहा है।

    पहली बार 2022 में क्राइम ब्रांच ने उसे 54 ग्राम एम्फ़ैटेमिन के साथ गिरफ्तार किया था। पिछले साल भी उसे और उसके साथियों के पास से 61 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ। ड्रग्स तस्करी में उसके बार-बार शामिल होने को देखते हुए, उसे ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों को जारी रखने से रोकने के लिए उसपर पिट एनडीपीएस लगाकर जेल भेज दिया गया।

    एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स दिल्ली को ड्रग-फ्री बनाने के मिशन के लिए पूरी तरह से तैयार है। ड्रग्स तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ-साथ तस्करी से कमाए गए लोगों की प्रापर्टी की पहचान करके उन्हें ज़ब्त करने की कार्रवाई भी शुरू कर रहा है।

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