दिल्ली वोटर लिस्ट से हटेंगे लाखों नाम... मृत, शिफ्ट हो चुके और बिना पुराने लिंकेज वाले मतदाताओं पर गिरेगी गाज
राजधानी दिल्ली में अगले तीन सप्ताह में 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं। यह विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत हो रहा ...और पढ़ें

राजधानी दिल्ली में अगले तीन सप्ताह में 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा सकते हैं।
HighLights
20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम काटे जाएंगे।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) जारी।
शिफ्ट हुए, मृत या पुराने लिंकेज वाले नाम हटेंगे।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। अगले तीन सप्ताह के भीतर राजधानी में 20 लाख से ज्यादा वोट कट सकते हैं। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की 26 दिनों की प्रक्रिया में सामने आया है कि 15 से 20 प्रतिशत मतदाता या तो शहर से शिफ्ट हो चुकें हैं या जिंदगी का साथ छोड़ चुके हैं।
इनमें एक बड़ी संख्या उन मतदाताओं की भी सामने आ रही है, जिनके पास यहां के निवासी होने का काेई पुराना लिंकेज नहीं है। बताया जाता है कि इन लोगों का वोट निजी स्वार्थ के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों ने बनवा दिया था।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली कार्यालय के मुताबिक मौजूदा सूची में 1,45,10,298 मतदाता हैं। एसआइआर के तहत एन्युमरेशन फार्म सभी को वितरित किया जा चुका है। लेकिन जमा अब तक 43.39 प्रतिशत फार्म ही हुए हैं। बताया जाता है कि 15 से 20 प्रतिशत मामलों में मतदाता अब हैं ही नहीं।
बीएलओ के घर घर जाने के क्रम में सामने आया है कि बहुत से मतदाता परलोक सिधार चुके हैं और काफी मतदाता दिल्ली ही छोड़ गए हैं। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए जल्द ही ऐसे मतदाताओं की सूची विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ भी साझा कर दी जाएगी।
इसी तरह पिछले वर्षों में दर्ज हुए ढेरों मतदाताओं के नाम वर्ष 2002 की मतदाता सूची अथवा अन्य राज्यों के डेटा में नहीं मिल पा रहे हैं। इनमें ज्यादातर मतदाता ऐसे हैं जिन्हें अवैध रूप से यहां बसाकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में उनके वोट बनवा दिए गए थे।
यह लोग दिल्ली के मूल निवासी नहीं हैं। जिन मतदाताओं के फार्म नियत समय तक सत्यापित होकर डिजिटाइज नहीं होंगे, उनका नाम नई मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
दिल्ली में एसआइआर से जुड़े कुछ अन्य अहम तथ्य
- चुनाव आयोग द्वारा एसआइआर की अंतिम तिथि 29 जुलाई से बढ़ाकर 8 अगस्त 2026 किए जाने के बाद अब केवल 15 दिनों का समय बचा है। 57.61 प्रतिशत फार्मों का डिजिटाइजेशन होना अभी भी बाकी है। 17 अगस्त को ड्राफ्ट मतदाता सूची आएगी।
- सबसे पिछड़े जिले : दक्षिणी पूर्वी (29.95 प्रतिशत), पूर्वी (35.76 प्रतिशत) एवं दक्षिणी (36.69 प्रतिशत) जिलों में डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया अभी भी सबसे धीमी बनी हुई है।
- आगे रहने वाले जिले : बाहरी उत्तरी (57.55 प्रतिशत) व दक्षिणी पश्चिमी (53.55 प्रतिशत) जिलों ने 50 प्रतिशत से अधिक फार्म डिजिटाइज कर बढ़त बनाई हुई है।
हम लोग यह मानकर चल रहे हैं कि एसआइआर प्रक्रिया खत्म होने पर औसतन 15 से 20 प्रतिशत मतदाता कम हो ही जाएंगे। पिछले 24-25 सालों में लाखों लोग दिल्ली छोड़कर जा चुके हैं जबकि लाखों अब इस दुनिया में नहीं रहे। लाखों लोगों के पास दिल्ली का कोई पुराना लिंकेज भी नहीं है। ऐसे सभी नाम मतदाता सूची से काटे जाएंगे।
-प्रशांत कुमार प्रसाद, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी, दिल्ली
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