कांवड़ियों के स्वागत के लिए दिल्ली तैयार, प्रवेश मार्गों पर बनेंगे आकर्षक स्वागत द्वार; ट्रैफिक डायवर्जन लागू
दिल्ली सरकार ने सावन की कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसमें शिवभक्तों के स्वागत और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। मुख्यमंत्री ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार ने सावन की कांवड़ यात्रा के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। एआई इमेज
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सावन के पवित्र महीने में राजधानी से होकर गुजरने वाले लाखों शिवभक्त कांवड़ियों के स्वागत और उनकी सुविधाओं के लिए दिल्ली सरकार ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का आकलन किया गया और अधिकारियों को सभी इंतजाम समय रहते पूरे करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सेवा, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राजधानी में प्रवेश करने वाला प्रत्येक कांवड़िया सुरक्षित, सम्मानित और बेहतर सुविधाओं का अनुभव करे।
इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। सरकार के अनुसार, दिल्ली के प्रमुख प्रवेश मार्गों और कांवड़ रूट पर आकर्षक स्वागत द्वार बनाए जाएंगे तथा श्रद्धालुओं का पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा। मुख्यमंत्री स्वयं भी विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर शिवभक्तों का अभिनंदन करेंगी।
कांवड़ समितियों की सुविधा के लिए इस बार सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है, जिससे शिविरों के लिए आवश्यक अनुमतियां और अन्य प्रक्रियाएं एक ही मंच से पूरी की जा सकेंगी। सरकार का उद्देश्य समितियों को विभागों के चक्कर लगाने से राहत देना है।
शिविरों में 24 घंटे सफाई व्यवस्था, पर्याप्त संख्या में सफाईकर्मियों की तैनाती तथा उच्च गुणवत्ता वाले मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। इनके नियमित रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसियों को सौंपी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग को डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की अलग-अलग शिफ्टों में तैनाती, प्राथमिक उपचार, एंबुलेंस, स्वच्छ पेयजल और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
बैठक में यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने दिल्ली पुलिस और यातायात पुलिस के साथ समन्वय बनाकर बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, पीसीआर तैनाती तथा दुर्घटना रोकथाम के उपाय समय से पहले लागू करने को कहा है। साथ ही निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा निर्बाध रूप से संचालित हो और आम नागरिकों को भी न्यूनतम असुविधा हो।