दीपके की 'मौत', दिल्ली के दरोगा का 'इस्तीफा', पुलिसकर्मी का 'गर्भपात'; दिल्ली पुलिस ने वायरल दावों का किया एनकाउंटर
दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन से जुड़ी फर्जी खबरों और अफवाहों का खंडन कर रही है। इसमें सीजेपी संस्थापक की मौत, पुलिसकर्मियों के इस्तीफे और ...और पढ़ें

सोशल मीडिया में प्रदर्शन के लिए सहानुभूति बटोरने वाली भ्रामक जानकारियों का दिल्ली पुलिस लगातार 'एनकाउंटर' कर रही है। एआई इमेज
HighLights
सीजेपी संस्थापक दीपके की मौत की खबर फर्जी निकली।
पुलिसकर्मी के इस्तीफे और गर्भवती होने के दावे गलत।
दिल्ली पुलिस सोशल मीडिया पर अफवाहों का खंडन कर रही।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन के बीच काॅकरोच जनता पार्टी व उसके समर्थक सोशल मीडिया पर लगातार फर्जी और भ्रामक सामग्री पोस्ट कर युवाओं व अन्य वर्ग में अफवाह फैलाने में जुटे हुए हैं ताकि दिल्ली-एनसीआर के लोगों का सीजेपी को अधिक से अधिक समर्थन मिल सके व लोगों की सहानुभूति बटोर सके, लेकिन दिल्ली पुलिस की मीडिया मानिटरिंग टीम भी लगातार ऐसे पोस्ट की जांच कर उक्त फर्जी सूचनाओं के असलियत का पता लगा उनका जोरदार तरीके से उनका खंडन कर रही है।

दिन की शुरुआत दीपके के 'निधन' से
शुक्रवार सुबह इंस्टाग्राम और वाट्सएप ग्रुपों पर सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के निधन का दावा करने वाली एक अखबार की क्लीपिंग को सर्कुलेट व पोस्ट किया गया जिसका दिल्ली पुलिस ने तुरंत खंडन कर दिया। पुलिस ने अपने आधिकारिक इंटरनेट मीडिया हैंडल के जरिए कहा कि प्रसारित हो रही अखबार की क्लीपिंग बनावटी है।

सिपाही पद से इस्तीफे का दावा भी फर्जी
सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक व्यक्ति ने दावा किया कि उसने जंतर-मंतर पर सीजेपी के विरोध प्रदर्शन के समर्थन में दिल्ली पुलिस के सिपाही पद से इस्तीफा दे दिया है। दिल्ली पुलिस ने उसके दावे को गलत करार दिया। होमगार्ड के डीजी सुरेंद्र सिंह यादव ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि इंस्टाग्राम पर 'रवि लवली' नाम से रील्स व वीडियो बनाने वाले इस व्यक्ति की पहचान रवि कुमार के रूप में हुई है। यह व्यक्ति दिल्ली पुलिस का सिपाही नहीं है।
वीडियो में किए बड़े-बड़े दावे
वीडियो में रवि कुमार ने खुद को दिल्ली पुलिस का सिपाही बताते हुए कहा है, "जिस दिन मुझे पता चला कि यह विरोध प्रदर्शन होने वाला है, मैं मेडिकल लीव पर चला गया। बाद में मुझे काल आया कि मेरी छुट्टी खत्म हो गई है। जब मैंने छुट्टी बढ़ाने की मांग की, तो दिल्ली पुलिस ने इंकार कर दिया।" उसने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा ड्यूटी पर वापस आने का दबाव बनाए जाने पर उसने इस्तीफा दे दिया।
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उसने बताया कि उसे न क्वार्टर चाहिए, न सरकारी गाड़ी चाहिए और न ही सरकार की सैलरी चाहिए। मामले में डीजी होम गार्ड्स की ओर से कहा गया कि रवि कुमार वास्तव में दिल्ली होम गार्ड्स में एक वालंटियर था। एसके इस गलत बयानी को अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया।

खुद को सब इंस्पेक्टर बताने वाला निकला कार क्लीनर
इंटरनेट मीडिया पर एक और वीडियो चल रहा है, जिसमें मोहित नाम का युवक खुद को हाल ही में इस्तीफा देने वाला दिल्ली पुलिस का सब-इंस्पेक्टर बताया। दिल्ली पुलिस रिकार्ड की जांच में इस नाम या विवरण का कोई भी सब-इंस्पेक्टर नहीं पाया गया। जांच में वह बहादुर में कार का क्लीनर होना पाया गया।
महिला पुलिस को गर्भवती बताया, असल में है अविवाहित
एक और झूठा और गुमराह करने वाले पोस्ट में दावा किया गया कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला पुलिसकर्मी घायल हो गई। वह गर्भवती कर्मी जिससे उसका गर्भपात हो गया। उसे चार माह की गर्भवती बताया गया। इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने दावा कि वह युवती न तो शादीशुदा है और न ही गर्भवती। वह फिलहाल मेडिकल निगरानी में है।