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दिल्ली के ये 5 इलाके बिजली चोरी में सबसे आगे, विद्युत कंपनियों को हर साल लग रहा ₹83 करोड़ का चूना

Published: Thu, 25 Jun 2026 06:20 PM (IST)

दिल्ली के राजौरी गार्डन, तिलक नगर सहित पांच विधानसभा क्षेत्रों में बिजली चोरी की समस्या गंभीर है, जिससे विद्युत कंपनियों ...और पढ़ें

दिल्ली के 5 विधानसभा क्षेत्रों में होती है सबसे ज्यादा बिजली चोरी। (AI Generated Image)

दिल्ली के 5 विधानसभा क्षेत्रों में होती है सबसे ज्यादा बिजली चोरी। (AI Generated Image)

HighLights

  1. दिल्ली के 5 क्षेत्रों में 83 करोड़ की बिजली चोरी।

  2. व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयां मुख्य रूप से जिम्मेदार।

  3. बिजली चोरी रोकने को विशेष अभियान, सख्त कार्रवाई।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। बिजली वितरण को निजी कंपनियों को सौंपने के बाद दिल्ली में बिजली चोरी की समस्या में कमी आई है। वर्ष 2002 में बिजली चोरी और अन्य तकनीकी कारणों से होने वाला नुकसान, जिसे कुल तकनीकी एवं वाणिज्यिक नुकसान (एटीएंडसी) कहा जाता है, लगभग 52 प्रतिशत था। यह अब घटकर 5.4 प्रतिशत रह गया है।

इसके बावजूद राजधानी के कई क्षेत्रों में यह समस्या बनी हुई है। राजौरी गार्डन, तिलकनगर, मुंडका, नजफगढ़ और तुगलकाबाद इन पांच विधानसभा क्षेत्रों में कई स्थानों पर एटीएंडसी लॉस 50 प्रतिशत से अधिक है। यानी आपूर्ति से अधिक चोरी हो रही है।

दिल्ली में लगभग 98 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही

इन क्षेत्रों में प्रतिवर्ष लगभग 83 करोड़ रुपये की चोरी हो रही है। वहीं, पूरी दिल्ली में लगभग 98 करोड़ रुपये की बिजली चोरी हो रही है। इसे रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। इससे कमरुद्दीन नगर में ही लगभग 24 करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई है।

बिजली कंपनियों द्वारा सरकार को दी गई रिपोर्ट के अनुसार राजौरी गार्डन और तिलक नगर विधानसभा क्षेत्र में स्थित ख्याला गांव में सबसे अधिक एक वर्ष में 4.72 करोड़ यूनिट की बिजली चोरी हुई है। इससे 30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, मुंडका विधानसभा क्षेत्र के कमरुद्दीन नगर में 2.69 करोड़ यूनिट की बिजली चोरी दर्ज की गई है।

नजफगढ़ के झड़ौदा कलां व दिचाऊं कलां और तुगलकाबाद विधानसभा क्षेत्र के तुगलकाबाद गांव में भी एक करोड़ यूनिट से अधिक की बिजली चोरी होती है। पुरानी दिल्ली के जामा मस्जिद, लाहौरी गेट के साथ ही पूर्वी और उत्तर पूर्वी दिल्ली के कुछ क्षेत्र में भी बिजली चोरी की समस्या है।

व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों द्वारा बिजली चोरी के मामले अधिक

बिजली वितरण कंपनियों (डिस्काम) अधिकारियों के अनुसार अधिकांश स्थानों पर व्यावसायिक और औद्योगिक इकाइयों द्वारा बिजली चोरी के मामले अधिक हैं। दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद के निर्देश पर बिजली चोरी रोकने के लिए विशेष अभियान शुरू किया गया है। छापेमारी के साथ ही आधुनिक डेटा एनालिटिक्स का उपयोग किया जा रहा है।

बिजली लाइनों को सुरक्षित और चोरी-रोधी आर्मर्ड केबल से बदला गया है। चोरी-रोधी आर्मर्ड केबल एक विशेष प्रकार की विद्युत केबल होती है, जिसमें अंदरूनी तांबे या एल्युमिनियम के तारों की सुरक्षा के लिए बाहर धातु के तारों का मजबूत आवरण होता है। इस प्रकार के कदमों से केवल कमरुद्दीन नगर क्षेत्र में ही लगभग एक करोड़ यूनिट से अधिक बिजली चोरी रोकने में मदद मिली है।

पूर्ववर्ती आप सरकार के दौरान बिजली चोरी को बढ़ावा दिया गया। यह ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों के साथ अन्याय था। बिजली चोरी में संलिप्त व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बिजली कनेक्शन तत्काल काटे जाएंगे। उनके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर उनके परिसरों को सील भी किया जाएगा। - आशीष सूद (दिल्ली के ऊर्जा मंत्री)

सबसे अधिक बिजली चोरी वाले स्थान

स्थान वार्षिक नुकसान (करोड़ ₹)
ख्याला गांव 30.00
कमरुद्दीन नगर 21.80
झड़ौदा कलां 10.90
दिचाऊं कलां 10.30
तुगलकाबाद गांव 10.10
जामा मस्जिद 2.16
लाहौरी गेट 0.40
न्यू सीलमपुर व घोंडा 3.57
सुदामापुरी 1.00
कृष्णा नगर व गांधी नगर 4.97
गाजीपुर गांव 1.36
चिल्ला गांव 1.16
कुल 97.72

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