दिल्ली सरकार की EV पॉलिसी में बड़ा प्लान, पुरानी गाड़ी स्क्रैप कर नई वाहन पर पाएं बंपर सब्सिडी और टैक्स छूट
दिल्ली सरकार पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर अधिक सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। नई नीति के तहत, मार्च 2030 तक 30% स् ...और पढ़ें
-1773304058826_m.webp)
दिल्ली सरकार पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कर नई इलेक्ट्रिक गाड़ियां खरीदने पर अधिक सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। जागरण ग्राफिक्स
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सरकार पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप करने और नई इलेक्ट्रिक कारें खरीदने पर ज़्यादा सब्सिडी देने पर विचार कर रही है। दिल्ली सरकार की योजना मार्च 2030 के आखिर तक सभी स्कूल बसों में से 30 परसेंट को इलेक्ट्रिक में बदलने की है।
सरकारी फ्लीट की सभी गाड़ियां होंगी इलेक्ट्रिक
नतीजतन, भविष्य में सरकारी फ्लीट की सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक होंगी। नई पॉलिसी के तहत, 1 जनवरी, 2027 से शहर में सिर्फ इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर ही नए रजिस्ट्रेशन के लिए एलिजिबल होंगे, और 1 अप्रैल, 2028 से सिर्फ़ इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर ही नए रजिस्ट्रेशन के लिए एलिजिबल होंगे।

सरकार अपनी नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत एक नया सरकारी सिस्टम लागू कर रही है। दिल्ली असेंबली के आने वाले बजट सेशन में पेश की जाने वाली इस नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी से ₹30 लाख से कम कीमत वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस से पूरी छूट मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार का एजुकेशन डिपार्टमेंट स्कूल बस इलेक्ट्रिफिकेशन प्लान को लागू करना पक्का करेगा।
2030 तक पूरे फ्लीट का 30 परसेंट इलेक्ट्रिक
सूत्रों ने बताया कि इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के नोटिफिकेशन के दो साल बाद स्कूल बसों के फ्लीट का 10 परसेंट, तीन साल के अंदर 20 परसेंट और 31 मार्च 2030 तक पूरे फ्लीट का 30 परसेंट इलेक्ट्रिक हो जाएगा। यह निर्देश स्कूलों की अपनी, लीज़ पर ली गई या कॉन्ट्रैक्ट पर चलाई जाने वाली सभी स्कूल बसों पर लागू होगा।
खबरें और भी

इसके अलावा, पॉलिसी के नोटिफिकेशन के तुरंत बाद पूरा सरकारी व्हीकल फ़्लीट भी इलेक्ट्रिक हो जाएगा। इलेक्ट्रिक गाड़ियों से निकलने वाले बड़ी मात्रा में बैटरी वेस्ट को मैनेज करने के लिए, दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) पूरे शहर में बैटरी कलेक्शन सेंटर बनाएगी।
कितना मिलेगा सब्सिडी?
सरकार ₹10 लाख या उससे ज्यादा कीमत वाली कारों पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी दे सकती है, जिसे दूसरे साल में घटाकर ₹75,000 और तीसरे साल में ₹50,000 कर दिया जाएगा। इसी तरह, टू-व्हीलर के लिए पहले साल ₹30,000, दूसरे साल ₹20,000 और तीसरे साल ₹10,000 की सब्सिडी का प्रस्ताव है।
इसी तरह, ई-ऑटो के लिए सब्सिडी पहले साल में ₹40,000 से ₹50,000 तक हो सकती है, जो तीसरे साल तक घटकर ₹30,000 से ₹20,000 हो सकती है।
सरकार के अनुसार, दिल्ली के गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण में टू-व्हीलर का योगदान 67% और फोर-व्हीलर का योगदान 23% है।
यह भी पढ़ें: 'अब समय है बेटी बढ़ाओ का, महिलाएं करेंगी लीडरशिप', IGDTUW दीक्षा समारोह में बोलीं CM रेखा गुप्ता