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    दिल्ली में शीशे की इमारतें बन रहीं जानलेवा, आग लगने पर नहीं मिलता बाहर निकलने का रास्ता

    Updated: Thu, 04 Jun 2026 03:06 AM (IST)

    राजधानी दिल्ली में इमारतों को आकर्षक बनाने के लिए लगाए गए शीशे के एलिवेशन आग लगने पर जानलेवा साबित हो रहे हैं, क्योंकि ये धुआं बाहर निकलने से रोकते है ...और पढ़ें

    हौज रानी क्षेत्र में होटल की इमारत में लगे शीशे।

    हौज रानी क्षेत्र में होटल की इमारत में लगे शीशे। 

    HighLights

    1. आकर्षक शीशे के एलिवेशन आग में धुआं रोककर जानलेवा बनते हैं।

    2. आपातकालीन निकास की कमी से आग लगने पर लोग अंदर फंसते हैं।

    3. चोरी के डर से सुरक्षा उपायों की अनदेखी, गंभीर परिणाम।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अग्निशमन से बचाव का कोई ध्यान नहीं दिया जाता। यही वजह है कि जब आग लगती है तो लोग अंदर ही फंस जाते हैं और जान चली जाती है। आज के समय में इमारतों को खूबसूरत और आकर्षक दिखने के लिए शीशों का एलिवेशन के लिए उपयोग किया जाने लगा है। जो कि ग्रीन बिल्डिंग बनाने के लिए उपयोगी होती है लेकिन सुरक्षा के इंतजाम न किए जाए तो यह जानलेवा बन जाता है।

    ऐसा ही कुछ दक्षिणी दिल्ली की हौजरानी अग्निकांड की इमारत में हुआ है और पालम में मार्च में हुई घटना में भी ऐसा ही देखने को मिला था। जिसके कारण धुंआ बाहर नहीं निकल पाया था।

    आपातकालीन स्थिति के लिए प्रवेश व निकास की व्यवस्था

    एमसीडी के पूर्व अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा बताते हैं कि ज्यादातर ग्रीन बिल्डिंग में ऐसे शीशों का एलिवेशन को बेहतर दिखाने के लिए भी किया जाता है। यह प्रतिबंधित नहीं है लेकिन बर्शते आपातकालीन स्थिति के लिए प्रवेश व निकास की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही यहां रेडियम की पट्टी होनी चाहिए जिस पर प्रवेश व निकास अंधेरे भी पढ़ने में आ जाए। लेकिन, लोग ऐसा नहीं कराते हैं।

    उनको केवल इमारत को सुंदर दिखाने की होड़ होती है। जब ऐसी इमारतों में आग लगती है तो आकर्षक फ्रंट एलिवेशन चिमनी का रूप ले लेता है। इससे बाहर आग का धुंआ नहीं निकल पाता है। इस स्थिति में आग भी तेजी से बढ़ती है और तो जो लोग अंदर होते हैं उनके दम घुटने की भी संभावना रहती है।

    आपातकालीन स्थिति से ज्यादा चोरी का ज्यादा डर

    वर्मा ने बताया कि लोग प्रवेश और निकास इसलिए भी नहीं बनवाते कि क्योंकि उन्हें आपातकालीन स्थिति से ज्यादा चोरी का ज्यादा डर रहता है। अगर, आपातकालीन निकास से कोई अंदर इमारत में घुस जाए तो नुकसान का डर रहता है। उन्होंने कहा कि पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार में भी सुरक्षा के लिए लगाई गई जाली भी इसी तरह की आग का कारण बनी थी।

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