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    गणतंत्र दिवस 2026: दिल्ली सरकार ने घोषित की ‘स्पेशल रिमिशन’, पात्र कैदियों को मिलेगी 90 दिन तक की छूट

    Updated: Sun, 25 Jan 2026 04:10 PM (IST)

    दिल्ली सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 पर पात्र कैदियों को विशेष माफी देने की घोषणा की है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 के तहत यह निर्णय लिया गया है। ...और पढ़ें

    दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी। फाइल फोटो

    दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने जानकारी दी। फाइल फोटो

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर दिल्ली सरकार ने पात्र दोषसिद्ध कैदियों को विशेष सरकारी माफी (स्पेशल रिमिशन) देने का ऐलान किया है। यह निर्णय भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 473 के तहत लिया गया है।

    दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने बताया कि यह माफी उन कैदियों पर लागू होगी जिन्हें दिल्ली की अदालतों ने सजा दी है और जो 26 जनवरी 2026 को दिल्ली की जेलों या दिल्ली से बाहर किसी जेल में सजा काट रहे हैं। हालांकि, इसका लाभ उन्हीं कैदियों को मिलेगा जो तय शर्तों को पूरा करते हों।

    किसे कितनी माफी मिलेगी?

    65 साल से अधिक उम्र के कैदी और महिला कैदी:

    10 साल से अधिक सजा: 90 दिन
    5 से 10 साल तक सजा: 60 दिन
    1 से 5 साल तक सजा: 30 दिन
    1 साल तक सजा: 20 दिन

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    अन्य कैदी

    10 साल से अधिक सजा: 60 दिन
    5 से 10 साल तक सजा: 45 दिन
    1 से 5 साल तक सजा: 30 दिन
    1 साल तक सजा: 15 दिन

    गृह मंत्री ने कहा कि यह माफी दिल्ली जेल नियम 2018 के तहत मिलने वाली सामान्य माफी से अलग और अतिरिक्त होगी। जो कैदी 26 जनवरी को पैरोल या फरलो पर होंगे, वे भी इसके पात्र होंगे, बशर्ते उनके खिलाफ कोई अनुशासनहीनता दर्ज न हो।

    किन कैदियों को नहीं मिलेगा लाभ?

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ श्रेणियों के कैदियों को यह माफी नहीं दी जाएगी। इनमें मृत्युदंड या आजीवन कारावास में बदली गई सजा वाले कैदी, एनडीपीएस और पॉक्सो जैसे गंभीर अपराधों में दोषी, महिलाओं के खिलाफ अपराध में दोषसिद्ध, जासूसी या आधिकारिक गोपनीयता से जुड़े मामलों के कैदी शामिल हैं।

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    इसके अलावा, पिछले एक वर्ष में जेल में अनुशासन तोड़ने वाले कैदियों को भी यह लाभ नहीं मिलेगा।

    गृह मंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार सुधार की भावना के साथ यह कदम उठा रही है, लेकिन साथ ही कानून और सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

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