दिल्ली सरकार ने क्यों बंद कर दिया अपना एक डिपार्टमेंट? प्रक्रिया पूरी करने के लिए 9 सदस्यीय समिति का गठन
दिल्ली सरकार ने लगातार घाटे में चल रहे दिल्ली वित्तीय निगम (डीएफसी) को बंद करने की घोषणा की है। संस्था गंभीर वित्तीय संकट में थी, जिसका कुल घाटा 42 कर ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार ने अपना एक विभाग बंद करने का फैसला किया। फोटो: आर्काइव

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राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने दिल्ली वित्तीय निगम (डीएफसी) को बंद करने की घोषणा की है। बंद करने की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए राज्य के वित्त सचिव की अध्यक्षता में नौ सदस्यीय समिति गठित की गई है। यह संस्था मध्यम, लघु और सूक्ष्म उद्यमों को ऋण उपलब्ध कराती थी, लेकिन लगातार घाटे के कारण इसे बंद करने का निर्णय लिया गया।
पिछले वर्ष नवंबर में डीएफसी के बोर्ड की बैठक में बताया गया था कि संस्था गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रही है। इसके शेयर कैपिटल पूरी तरह खत्म हो चुका है और कुल घाटा 42 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। सितंबर, 2025 तक डीएफसी दिल्ली सरकार को 80 करोड़ रुपये का बकाया ऋण चुकाने की स्थिति में नहीं था।
इस कारण पिछले महीने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इसे बंद करने का निर्णय लिया गया था। उसके बाद राज्य वित्तीय निगम अधिनियम, 1951 की धारा 45 के तहत उपराज्यपाल ने डीएफसी को समाप्त करने का आदेश दिया है। वित्त विभाग ने छह फरवरी को गजट नोटिफिकेशन जारी कर डीएफसी की समाप्ति की घोषणा की।
समिति के अध्यक्ष को डीएफसी के बोर्ड आफ डायरेक्टर्स की सभी शक्तियां सौंपी गई हैं। यह संमिति बकाया वसूलने, कानूनी अनुपालन पूरा करने, दिल्ली सरकार सहित सभी देनदारियों का निपटान करने, चल-अचल संपत्तियों का हस्तांतरण या निपटान करने, कर्मचारियों के बारे में निर्णय लेने के साथ ही सभी अदालती मामलों को देखेगी।
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समाप्ति प्रक्रिया पूरी होने और बाकी संपत्तियों-देनदारियों के निपटान के बाद उपराज्यपाल एक और नोटिफिकेशन जारी कर डीएफसी के अंतिम विघटन की घोषणा करेंगे।
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