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    दिल्ली में निजी स्कूलों की फीस पर सरकार की सख्ती, विधानसभा में नया आदेश पेश

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 12:29 AM (IST)

    दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए 'रिमूवल ऑफ डिफिकल्टीज आदेश, 2026' पेश किया है। यह आदेश फीस विनियमन अधि ...और पढ़ें

    निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा नया आदेश।

    निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएगा नया आदेश।

    राज्य ब्यूराे, नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने निजी स्कूलों की फीस निर्धारण प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में कदम उठाते हुए विधानसभा में दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए 'दिल्ली स्कूल शिक्षा (रिमूवल ऑफ डिफिकल्टीज) आदेश, 2026' पेश किया है। मानसून सत्र के दौरान सदन में रखे गए इस आदेश पर सोमवार को चर्चा होने की संभावना है।

    शिक्षा विभाग के अनुसार, यह आदेश अधिनियम को व्यवहारिक रूप से लागू करने में आ रही कठिनाइयों को दूर करने के लिए जारी किया गया है।

    आदेश 2026 को सदन में पेश करने के बाद शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली स्कूल शिक्षा (फीस निर्धारण एवं विनियमन में पारदर्शिता) अधिनियम के अनुसार स्कूल स्तरीय फीस नियमन समिति का गठन प्रत्येक वर्ष 15 जुलाई तक होना था, लेकिन कानून 10 दिसंबर 2025 से लागू होने के कारण पहली बार यह समयसीमा पूरी नहीं हो सकी।

    इसी व्यावहारिक कठिनाई को दूर करने और 2026-27 से शुरू होने वाले तीन वर्षीय फीस चक्र को व्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए यह आदेश जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा निदेशक और सभी स्कूल प्रबंधन को निर्धारित समयसीमा का पालन करने के निर्देश दिए हैं। नियमों की अवहेलना करने पर अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

    सरकार के अधिनियम के अनुसार प्रत्येक निजी स्कूल को दिल्ली गजट में आदेश प्रकाशित होने के 10 दिनों के भीतर स्कूल स्तरीय फीस नियमन समिति (एसएलएफआरसी) का गठन करना होगा। हालांकि 24 दिसंबर 2025 के आदेश के तहत पहले से गठित समितियां यथावत कार्य करती रहेंगी।

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    समिति के गठन के बाद स्कूल प्रबंधन को 14 दिनों के भीतर वर्ष 2026-27 से शुरू होने वाले अगले तीन शैक्षणिक सत्रों के लिए प्रस्तावित फीस समिति के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। समिति अधिनियम और नियमों के अनुरूप प्रस्ताव की जांच कर अंतिम फीस निर्धारित करेगी।

    आदेश में शिक्षा निदेशक को भी निर्देश दिया गया है कि गजट अधिसूचना के 30 दिनों के भीतर प्रत्येक शिक्षा जिले में जिला फीस अपीलीय समिति (डीएफएसी) का गठन किया जाए। यदि किसी पक्ष को फीस निर्धारण पर आपत्ति होगी तो वह इन समितियों के समक्ष अपील कर सकेगा।

    सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगले तीन वर्षीय फीस ब्लाक के लिए नई फीस स्वीकृत होने तक कोई भी स्कूल 1 अप्रैल 2025 को लागू फीस से अधिक शुल्क नहीं वसूल सकेगा। यदि किसी स्कूल ने 2025-26 शैक्षणिक सत्र में अत्यधिक फीस वसूली है तो उस पर कानून के तहत कार्रवाई होगी। हालांकि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।

    आदेश में यह भी प्रविधान किया गया है कि यदि अगले तीन वर्षीय ब्लाक की फीस समय पर तय नहीं हो पाती है तो स्कूल पिछली अवधि के अंतिम वर्ष में स्वीकृत फीस से अधिक शुल्क नहीं ले सकेंगे। इस बीच यदि किसी स्कूल ने अस्थायी रूप से अतिरिक्त राशि ली है तो नई फीस तय होने के बाद उसका समायोजन करना होगा।

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