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    650 करोड़ के घोटाले के बाद दिल्ली सरकार ने CPA पर लगाई रोक, अस्पतालों को मिली सीधे दवा खरीद की छूट

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 04:31 AM (IST)

    दिल्ली सरकार ने 650 करोड़ के दवा व उपकरण खरीद घोटाले की जांच के बीच केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) द्वारा दवाओं और चिकित्सा सामान की केंद्रीकृत खरीद पर ...और पढ़ें

    अस्पताल अब सीधे दवा व उपकरण खरीदेंगे।

    अस्पताल अब सीधे दवा व उपकरण खरीदेंगे।

    HighLights

    1. 650 करोड़ के दवा खरीद घोटाले की जांच जारी।

    2. दिल्ली सरकार ने सीपीए की केंद्रीकृत खरीद रोकी।

    3. अस्पताल अब सीधे दवा व उपकरण खरीदेंगे।

    अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। 650 करोड़ के दवा व उपकरण खरीद घोटाले की जांच के बीच दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में दवा और चिकित्सा सामान की केंद्रीय खरीद एजेंसी (सीपीए) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के तहत दवा और चिकित्सा सामान की खरीद की जिम्मेदारी एक बार फिर संबंधित अस्पतालों को दे दी है।

    यही नहीं दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की से जाकरी इस आशय के आदेश में सीपीए के सभी लंबित, अधूरे और प्रक्रिया में चल रहे टेंडर को भी रद कर दिया गया है। इनसे संबंधित मांगपत्र भी अस्पतालों को वापस कर दिए गए हैं। यह अंतरिम व्यवस्था केंद्रीकृत खरीद के लिए कानूनी, वित्तीय, प्रशासनिक और डिजिटल ढांचे को नए सिरे से पूरी तरह चालू होने तक लागी रहेगी।

    दिल्ली सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है कि जब 650 करोड़ रुपये की दवा और चिकित्सा उपकरण खरीद घोटाले की जांच व कार्रवाई से सीपीए की खरीद व्यवस्था सवालों के घेरे में है। घोटाले को लेकर जांच एजेंसियों की कार्रवाई से सीपीए में खरीद निर्णय लेने को लेकर हिचक की स्थिति बन गई थी। इससे दिल्ली सरकार के अस्पतालों में जरूरी सामानों की आपूर्ति प्रभावित हो गई थी और अस्पतालों की नियमित व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ रहा था। इसे दूर करने को सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के तहत अस्पतालों को फिर सीधे खरीद की जिम्मेदारी सौंप दी है।

    2025 में केंद्रीकृत हुई थी खरीद

    स्वास्थ्य विभाग ने चार, छह और 11 जून 2025 के आदेशों के जरिये दिल्ली सरकार के अस्पतालों के लिए दवाओं, उपभोग्य सामग्री, सर्जिकल सामान, चिकित्सा उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की खरीद सीपीए के तहत केंद्रीकृत कर दी थी, इससे पहले अस्पतालों के माध्यम से खरीद की जाती थी। पर, एक वर्ष के भीतर ही सीपीए में 650 करोड़ का खरीद घोटाला सामने आने के बाद सरकार ने पुरानी व्यवस्था को बहाल कर दिया।

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    इससे अब संबंधित सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य संस्थान अपने विभागाध्यक्षों के माध्यम से दवाओं, उपभोग्य सामग्री, सर्जिकल सामान, चिकित्सा उपकरण और अन्य स्वास्थ्य सामग्री की सीधे खरीद करेंगे। उन्हें सामान्य वित्तीय नियम-2017, सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जेम), केंद्रीय सतर्कता आयोग, व्यय विभाग तथा केंद्र और दिल्ली सरकार के लागू दिशा-निर्देशों के तहत यह खरीद करनी होगी। अभी इसे अंतरिम व्यवस्था के तहत लागू किया गया है। इसके साथ ही अस्पताल मरीजों के उपचार से सीधे जुड़ी आवश्यक दवाओं की खरीद भी जारी रखेंगे।

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