Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    द्वारका हादसे में नाबालिग आरोपित की पहचान बताने पर रोक, HC ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

    Updated: Sat, 21 Feb 2026 09:25 AM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने द्वारका एसयूवी दुर्घटना के 17 वर्षीय नाबालिग आरोपित की पहचान उजागर करने पर मीडिया को रोक लगा दी है। अदालत ने कहा कि प्रेस की आजादी ...और पढ़ें

    द्वारका हादसे के नाबालिग आरोपित की पहचान बताने पर रोक। फोटो: आर्काइव

    द्वारका हादसे के नाबालिग आरोपित की पहचान बताने पर रोक। फोटो: आर्काइव

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। द्वारका में हाल ही में हुए एसयूवी दुर्घटना में 17 साल के नाबालिग आरोपित की पहचान उजागर करने से रोक दिया है।  मीडिया संस्थानों पर रोक लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि प्रेस की आजादी पर रोक नहीं लगाई जा सकती, लेकिन नाबालिग की पहचान सुरक्षित होनी चाहिए।

    द्वारका सड़क दुर्घटना में एक 23 साल के साहिल की जान चली गई थी। आरोपित की पहचान उजागर करने पर रोक लगाने की मांग काे लेकर उसके पिता द्वारा दायर याचिका पर अदालत ने कहा कि प्रतिवादियों को मामले में हुई प्राथमिकी में नाबालिग आरोपित की जानकारी देने से अगली सुनवाई तक रोक लगाई जाती है।

    आरोपित के पिता ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट की धारा-77 के तहत बेटे की पहचान बताने पर रोक लगाने की मांग की। साथ ही मीडिया को मीडिया ट्रायल चलाने का हवाला देते हुए मामले की रिपोर्टिंग करने से रोकने का निर्देश देने की मांग की।

    पिता की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि सभी न्यूज चैनल और प्रकाशक न सिर्फ नाबालिग का चेहरा दिखा रहे थे, बल्कि उसका नाम और पहचान सहित अन्य जानकारी बताई जा रही हैं। इससे परिवार को खतरा है।

    खबरें और भी

    पीठ ने कहा कि पत्रकारिता और प्रेस की आजादी पर रोक नहीं लगाई जा सकती। साथ ही सवाल किया कि किस नियम के तहत मीडिया को रोका जा सकता है? अदालत ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं है जो कहता हो कि पत्रकारिता और प्रेस के अधिकार पर रोक लगाई जानी चाहिए।

    पिता के वकील ने कहा कि उनकी मुख्य शिकायत जेजे एक्ट की धारा-74 के अनुपालन को लेकर है। दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा कि हालांकि उनके खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया गया है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वह स्टेटस रिपोर्ट फाइल करेंगे।

    इस पर पीठ ने अगली सुनवाई तक आरोपित की पहचान उजागर करने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। अदालत ने याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर सुनवाई नौ जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी।

    यह भी पढ़ें- द्वारका हादसा: पुलिस जांच अब पूरी तरह साइंटिफिक, CCTV और फोरेंसिक से स्पीड-एंगल का पता लगाने की कोशिश

    यह भी पढ़ें- द्वारका हादसा: 'नाबालिग आरोपी को पछतावा नहीं', JJB ने अंतरिम जमानत सुनवाई के दौरान की टिप्पणी