नीट-पीजी परीक्षा में शामिल होने की मांग खारिज; दिल्ली हाई कोर्ट ने दो सैन्य डॉक्टरों को नहीं दी अंतरिम राहत
दिल्ली हाई कोर्ट ने दो सैन्य डॉक्टरों को नीट-पीजी 2026 परीक्षा में शामिल होने की अंतरिम अनुमति देने से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ताओं ने 2025 के नियम ...और पढ़ें

दो सैन्य डॉक्टरों की याचिका खारिज की। फोटो: आर्काइव
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने सैन्य डॉक्टरों की याचिका खारिज की
नीट-पीजी 2026 में अंतरिम शामिल होने की अनुमति नहीं
2025 के नियमों को चुनौती देने का मामला लंबित
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नीट-पीजी-2026 परीक्षा के लिए आवेदन करने और उसमें शामिल होने की अनुमति देने की मांग को लेकर दो सैन्य डॉक्टरों की याचिका पर अंतरिम राहत देने से दिल्ली हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया है।
न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा व न्यायमूर्ति विनोद कुमार की पीठ ने अंतरिम आदेश पारित करने से इन्कार करते हुए एएफटी के आदेशों को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।
पीठ ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि याचिकाकर्ताओं ने 2025 के नियमों की वैधता पर सवाल उठाए हैं, उन्हें अंतरिम उपाय के तौर पर परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने का कोई आधार नहीं बनता।
पीठ ने यह भी कहा कि ऐसी राहत देने का मतलब होगा 2025 के नियमों के अमल को रोकना, जबकि उनकी वैधता पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है।
2025 के नियमों को दी है चुनौती
याचिकाकर्ता डॉक्टरों मेजर जयंती चंद्रा व मेजर ईशान सेगन ने आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विसेज के मेडिकल/नाॅन-टेक्निकल अधिकारियों के लिए ट्रेनिंग और प्रोफेशनल प्रोग्रेशन नियम-2025 के तहत बदली हुई योग्यता शर्तों को चुनौती दी है और यह मामला अभी आर्म्ड फोर्सेज ट्रिब्यूनल (एएफटी) में लंबित है।
उन्होंने तर्क दिया है कि 2018 के ट्रेनिंग नियमों के तहत, शाॅर्ट सर्विस कमीशन (एसएससी) अधिकारी चार से दस साल की सेवा के बीच पोस्ट-ग्रेजुएट मेडिकल कोर्स के लिए आवेदन करने के पात्र थे।
उन्होंने 2025 के नियमों के नियम 7.2 को चुनौती दी, जिसने एसएससी अधिकारियों के लिए योग्यता की समय-सीमा को 4-10 साल से घटाकर 4-7 साल कर दिया था। उन्होंने नीट पीजी में शामिल होने के लिए अंतरिम अनुमति मांगी और बताया कि आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 जून 2026 थी।
कोर्ट ने राहत देने से किया इनकार
हालांकि, याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता क्रमशः 2017 और 2018 में सेवा में आए थे और चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नीट पीजी परीक्षा देने के पात्र हो गए थे।
पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ताओं के पास क्रमशः 2022 और 2023 से नीट पीजी परीक्षा में बैठने का समय था और वे नीट पीजी कोर्स में सीट हासिल नहीं कर पाए।
कोर्ट ने आगे कहा कि मुख्य अपील याचिका पहले से ही 28 अगस्त 2026 को एएफटी के समक्ष सूचीबद्ध है और यदि याचिकाकर्ता अंततः सफल होते हैं, तो भी वे पुराने नियमों के तहत 2028 तक नीट पीजी परीक्षा में शामिल होने के पात्र बने रहेंगे।