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    क्या 4 AAP नेताओं की बढ़ेगी मुश्किल? दिल्ली HC ने जवाब देने के लिए केजरीवाल और सिसोदिया को दिए 4 हफ्ते

    Updated: Tue, 04 Aug 2026 06:55 PM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी घोटाला मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान से जुड़े आपराधिक अवमानना मामले में अरविंद केजरी ...और पढ़ें

    जवाब दाखिल करने के लिए दिया चार सप्ताह का समय। फोटो: आर्काइव

    जवाब दाखिल करने के लिए दिया चार सप्ताह का समय। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. केजरीवाल, सिसोदिया को मामले में चार सप्ताह का समय मिला

    2. हाई कोर्ट रजिस्ट्री को सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया

    3. न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ सोशल मीडिया अभियान का मामला

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आबकारी घाेटाला केस में सुनवाई के दौरान इंटरनेट मीडिया पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें बदनाम करने के आरोपों पर आपराधिक अवमानना का केस चल रहा है।

    इस केस में मंगलवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह और सौरभ भारद्वाज समेत अन्य को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।

    सुनवाई के दौरान केजरीवाल सहित अन्य की तरफ से पेश हुए वकीलों ने न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्त रविन्द्र डुडेजा की पीठ को बताया कि अब तक उन्हें वह सामग्री नहीं मिली है जो अवमानना मामले का आधार बनी है।

    सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश

    इस पर अदालत ने हाई कोर्ट रजिस्ट्री को संबंधित पक्षों को सामग्री उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। साथ ही सभी प्रतिवादियों को चार सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा। मामले पर अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।

    मई में जारी किए गए थे नोटिस

    19 मई को अदालत ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा द्वारा शुरू किए गए अवमानना मामले में सभी को नोटिस जारी कर वरिष्ठ अधिवक्ता राजदीपा बेहुरा को न्याय मित्र नियुक्त किया था।

    न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा ने 14 मई को केजरीवाल, सिसोदिया, सिंह और अन्य नेताओं के विरुद्ध आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू की थी।

    यह कार्यवाही आबकारी नीति मामले के संबंध में उनके विरुद्ध इंटरनेट मीडिया पर अपमानजनक पोस्ट करने को लेकर की गई थी। इसके बाद अधिवक्ता अशोक चैतन्य ने भी अवमानना याचिका दाखिल की थी।

    इंटरनेट मीडिया पोस्ट पर उठा था विवाद

    नौ अप्रैल को सौरभ दास ने न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को लेकर एक्स पर कुछ पोस्ट किए थे और इसमें उनके बेटे और बेटी को केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में पैनल में शामिल होने का जिक्र किया गया था।

    इस दौरान स्वर्ण कांता शर्मा आबकारी घोटाला मामले में केजरीवाल-सिसोदिया सहित अन्य को बरी करने के खिलाफ सीबीआइ की अपील याचिका पर सुनवाई कर रही थीं। इस एक्स पोस्ट पर कमेंट करते हुए केजरीवाल ने पूछा था कि क्या यह सच है? बहुत ही विस्फोटक।

    खबरें और भी

    वहीं, सौरभ भारद्वाज और राय ने भी निष्पक्षता पर सवाल उठाने के लिए उस पोस्ट को कोट किया। दास का ओरिजिनल पोस्ट और केजरीवाल, भारद्वाज और राय के कोट ट्वीट अभी भी उपलब्ध हैं।

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