NEET पेपर लीक में नया मोड़, आरोपियों ने कर दी ब्रेन मैपिंग-पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग; CBI से कोर्ट ने मांगा जवाब
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई को नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में 20 हजार पन्नों का आरोपपत्र मंगलवार शाम तक तैयार कर 6 अगस्त तक सभी 13 आरोपियों को उपलब ...और पढ़ें

नीट पेपर लीक केस में आरोपियों ने पॉलीग्राफ टेस्ट की मांग की। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
सीबीआई को 20 हजार पन्नों का आरोपपत्र सौंपने का निर्देश
सभी 13 आरोपियों को 6 अगस्त तक आरोपपत्र प्रति मिलेगी
जमानत याचिकाओं पर सुनवाई 6 अगस्त तक के लिए स्थगित
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रही राउज एवेन्यू स्थित विशेष फास्ट ट्रैक अदालत ने CBI को निर्देश दिया है कि वह 20 हजार पन्नों के आरोपपत्र की स्क्रूटनी मंगलवार शाम तक पूरी करें।
इसके साथ ही सभी 13 आरोपितों को छह अगस्त तक उसकी प्रति उपलब्ध कराए। इसके साथ ही अदालत ने आरोपित दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई भी छह अगस्त तक के लिए स्थगित कर दी।
आरोपपत्र मिलने के बाद होगी जमानत पर बहस
विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता की अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपपत्र की प्रति उपलब्ध कराए बिना जमानत याचिकाओं पर प्रभावी बहस संभव नहीं है।
इस पर अदालत ने CBI को आरोपितों को दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सभी आरोपित फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं और छह अगस्त को उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
लाई डिटेक्टर और ब्रेन मैपिंग की मांग पर मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एपी सिंह ने मंगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल का ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग करते हुए आवेदन दाखिल किया।
अदालत ने CBI से इस आवेदन पर जवाब दाखिल करने को कहा। साथ ही मौखिक रूप से टिप्पणी की कि पहले यह देखा जाएगा कि ऐसा आवेदन दाखिल करने की विधिक ग्राह्यता (मेंटेनेबिलिटी) है या नहीं।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत गठित विशेष अदालत होने के कारण इस मामले की सुनवाई अब दिन-प्रतिदिन आधार पर आगे बढ़ेगी।
20 हजार पन्नों की स्कैनिंग का निर्देश
29 जुलाई को अदालत ने आरोपपत्र के साथ सूचीबद्ध दस्तावेज, गवाहों के बयान और जब्त सामग्री रिकार्ड पर उपलब्ध नहीं होने पर CBI से स्पष्टीकरण मांगा था।
CBI ने बताया था कि आरोपपत्र और उससे जुड़े दस्तावेज करीब 20 हजार पन्नों के हैं, जिनकी स्कैनिंग और प्रतियां तैयार की जा रही हैं। इसके बाद तत्कालीन विशेष न्यायाधीश अनु ग्रोवर बलीगा ने एजेंसी को तीन दिन का समय दिया था।
360 गवाह और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख
CBI ने इस मामले में 13 आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है। आरोपपत्र में 360 गवाह, 422 दस्तावेज और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है।