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    उत्तम नगर हत्याकांड: दिल्ली हाई कोर्ट ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए पुलिस को दिए कड़े निर्देश

    Updated: Sat, 25 Apr 2026 05:03 AM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तम नगर में होली पर हुई हत्या के पीड़ित तरुण के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए हैं। यह आदेश ...और पढ़ें

    युवक के स्वजन के पुख्ता सुरक्षा के दिए आदेश। फाइल फोटो

    युवक के स्वजन के पुख्ता सुरक्षा के दिए आदेश। फाइल फोटो

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने उत्तम नगर हत्या पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

    2. परिवार को मिली धमकियों के बाद दिल्ली पुलिस को निर्देश जारी।

    3. एसएचओ का निजी नंबर और घर पर पुलिस पिकेट लगाने का आदेश।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तम नगर में होली के दौरान हुई झड़प में मारे गए 26 वर्षीय युवक के परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया है।

    न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया की पीठ ने दिल्ली पुलिस को आदेश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि संबंधित थाना एसएचओ का निजी मोबाइल नंबर पीड़ित के परिवार को दिया जाए, ताकि मुश्किल के समय में पुलिस से संपर्क किया जा सके।

    उस दाैरान दिल्ली पुलिस ने पीठ के समक्ष कहा कि पीड़ित परिवार को हर संभव सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

    परिवार के आरोपों पर दिए आदेश

    अदालत ने उक्त आदेश तरुण की मां लक्ष्मी देवी और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा अदालत के समक्ष लगाए गए आरोपों पर दिए। स्वजन ने आरोप लगाया कि आरोपितों से जुड़ी महिलाओं के एक समूह ने 13 अप्रैल को उन्हें धमकी दी थी।

    यह भी कहा कि महिलाओं ने अपने चेहरे ढके हुए थे और पीड़ित की मां से कहा कि जिस तरह उनके एक बेटे की हत्या कर दी गई है, उसी तरह उनके दूसरे बेटे की भी सबके सामने हत्या कर दी जाएगी। साथ ही यह भी चेतावनी दी कि उन्हें चुपचाप इस मामले को आगे बढ़ाने से पीछे हट जाना चाहिए।

    पीड़ित स्वजन ने कहा कि कई भड़काऊ और सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर हैं। जिससे इलाके में स्थिति और बिगड़ रही है।

    सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ताओं की रिहायशी गली के साथ-साथ आस-पास के ब्लाक में भी सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए पुलिस पिकेट तैनात किए गए हैं।

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    यह भी बताया गया कि पीड़ित के घर के सामने एक पुलिस पिकेट लगाया गया है।

    पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से 250 से ज्यादा भड़काऊ वीडियो और सामग्री पहले ही हटा दी है। याचिकाकर्ताओं को निर्देश दिया जाता है कि यदि उनके पास ऐसे किसी वीडियो या सामग्री की कोई खास जानकारी है, तो वे उसे स्थानीय एसएचओ को दें, जो कानून के अनुसार तुरंत उचित कार्रवाई करेंगे।

    वीडियो फुटेज और अन्य सामग्री की जांच जारी

    13 अप्रैल को धमकी देने की घटना पर पुलिस ने बताया कि वीडियो फुटेज और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है और जांच असिस्टेंट कमिश्नर आफ पुलिस (एसीपी) रैंक के एक अधिकारी द्वारा की जा रही है।

    पुलिस के बयान दर्ज करने के बाद पीठ ने याचिका का निपटारा कर दिया। चार मार्च को होली के दिन आपसी विवाद में तरुण की हत्या कर दी गई थी और इसके बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था।

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