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    प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड पर दिल्ली HC का सख्त रुख, दोषी संतोष सिंह को सरेंडर का आदेश

    Updated: Fri, 20 Mar 2026 10:28 AM (IST)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने प्रियदर्शिनी मट्टू हत्याकांड के दोषी संतोष कुमार सिंह को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। यह आदेश मट्टू के बड़े भाई द्वारा दोषी की ...और पढ़ें

    HighLights

    1. दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषी संतोष कुमार सिंह को आत्मसमर्पण का आदेश दिया।

    2. प्रियदर्शिनी मट्टू के भाई ने दोषी की रिहाई याचिका का विरोध किया।

    3. संतोष कुमार सिंह 1996 के बलात्कार और हत्या मामले में दोषी है।

    विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। प्रियदर्शीनी मट्टू कि हत्या के मामले में दोषी संतोष कुमार सिंह को दिल्ली हाई कोर्ट ने आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। अदालत ने उक्त आदेश मट्टू के बड़े भाई द्वारा समय पूर्व रिहाई की मांग को लेकर एक दोषी कि याचिका का विरोध करने पर दिया।

    1996 में मट्टू की दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में आरोपितों को ट्रायल कोर्ट ने बरी कर दिया था। हालांकि, 2006 में हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के निर्णय को पलटते हुए आरोपितों को दोषी करार दिया था।

    क्या है मामला

    गौरतलब है कि वर्ष 1996 की जनवरी में संतोष कुमार सिंह ने प्रियदर्शिनी मट्टू के साथ दुष्कर्म कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी थी। तब वह 25 वर्ष की थीं।

    संतोष कुमार सिंह दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रियदर्शिनी की तरह ही कानून का छात्र था। जिसें 3 दिसंबर 1999 को ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था।

    हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट ने 27 अक्टूबर 2006 को ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटते हुए उसे दुष्कर्म और हत्या का दोषी ठहराया और मौत की सजा सुनाई थी।

    जिसके बाद संतोष कुमार सिंह ने इस सजा को चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने 2010 में उसे दोषी बरकरार रखा, लेकिन मौत की सजा को उम्रकैद में बदल दिया था।

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