दिल्ली HC ने बीना मोदी से जुड़े मारपीट मामले को किया खारिज, 2024 में बोर्ड मीटिंग के दौरान हुआ था विवाद
दिल्ली हाई कोर्ट ने उद्योगपति बीना मोदी, उनके सुरक्षा गार्ड और वकील के खिलाफ दर्ज मारपीट का आपराधिक मामला खारिज कर दिया है। यह फैसला समीर मोदी द्वारा ...और पढ़ें
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मामला 2024 में बोर्ड मीटिंग के दौरान उनके बेटे समीर मोदी के साथ कथित मारपीट से जुड़ा था।

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को उद्योगपति बीना मोदी, उनके निजी सुरक्षा गार्ड सुरेंद्र प्रसाद और वरिष्ठ वकील ललित भसीन के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को खारिज कर दिया। यह मामला 2024 में बोर्ड मीटिंग के दौरान उनके बेटे समीर मोदी के साथ कथित मारपीट से जुड़ा था।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए गॉडफ्रे फिलिप इंडिया के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर समीर मोदी ने जस्टिस सौरभ बनर्जी को बताया कि उन्होंने अपनी मां बीना मोदी और अन्य दो आरोपियों के खिलाफ शिकायत वापस ले ली है। इसके बाद न्यायाधीश ने कहा, 'यह मुकदमा खारिज किया जाता है।'
बीना मोदी, सुरेंद्र प्रसाद और ललित भसीन ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर मामले को रद्द करने की मांग की थी, क्योंकि उनके और समीर मोदी के बीच समझौता हो गया था। इससे पहले उन्होंने ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने की भी मांग की थी।
साकेत की ट्रायल कोर्ट ने 10 फरवरी को तीनों आरोपियों को समन जारी कर 7 मई को पेश होने का आदेश दिया था। यह मामला जून 2024 में दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सुरेंद्र प्रसाद ने बीना मोदी के निर्देश पर समीर मोदी के साथ मारपीट की थी, जब वह जीपीआई कार्यालय में बोर्ड मीटिंग में शामिल होने जा रहे थे।
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समीर मोदी ने दावा किया था कि इस घटना में उनकी दाहिने हाथ की तर्जनी उंगली टूट गई थी। 1 मार्च 2025 को पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की, जिसमें सुरेंद्र प्रसाद को मुख्य आरोपी बताया गया, जबकि पर्याप्त सबूत न होने के कारण बीना मोदी और ललित भसीन को क्लीन चिट दे दी गई थी।
इसके बाद समीर मोदी ने ट्रायल कोर्ट में ‘प्रोटेस्ट पिटीशन’ दायर की थी। ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि परिस्थितियों से साजिश या समान इरादे का अनुमान लगाया जा सकता है और यह मामला सुनवाई के दौरान तय होगा।
अभियोजन के अनुसार, 30 मई 2024 को समीर मोदी GPI कार्यालय में बोर्ड मीटिंग में शामिल होने पहुंचे थे। आरोप है कि सुरेंद्र प्रसाद ने उन्हें बीना मोदी के निर्देश पर बोर्डरूम में प्रवेश करने से रोका और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। शिकायत के मुताबिक उनकी उंगली टूट गई थी और सर्जरी कर उसमें स्क्रू और तार लगाया गया था। मेडिकल रिपोर्ट में इस चोट को गंभीर बताया गया था।
घटना के सीसीटीवी फुटेज भी जांच का हिस्सा रहे। समीर मोदी ने यह भी आरोप लगाया था कि जब उन्होंने अपनी मां बीना मोदी को घटना की जानकारी दी, तो उन्होंने उन्हें बैठने और मीटिंग जारी रखने को कहा, जबकि ललित भसीन ने भी मीटिंग जारी रखने पर जोर दिया।
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(पीटीआई के इनपुट के साथ)