'आईपीए को राष्ट्रीय महासंघ के रूप में मान्यता कैसे मिली', दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा
दिल्ली हाई कोर्ट ने इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (आइपीए) को राष्ट्रीय महासंघ के रूप में मान्यता देने पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने पूछा कि आइप ...और पढ़ें
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इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन को मिली मान्यता परदिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई।
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने आइपीए मान्यता पर केंद्र से जवाब मांगा।
सरकार को निर्णय प्रक्रिया का रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश।
न्यू इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन ने मान्यता को चुनौती दी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। इंडियन पिकलबॉल एसोसिएशन (आइपीए) को खेल के राष्ट्रीय महासंघ के तौर पर दी गई मान्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा कि आइपीए को राष्ट्रीय महासंघ के रूप में मान्यता कैसे मिली?
साथ ही अदालत ने सरकार से इस मामले में निर्णय लेने की पूरी प्रक्रिया का रिकार्ड पेश करने को कहा। अदालत ने केंद्र सरकार को याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। मामले पर अगली सुनवाई आठ मई को होगी।
अदालत न्यू इंडियन पिकलबाल एसोसिएशन की अपील याचिका पर सुनवाई कर रही है। एसोसिएशन ने एकल पीठ के निर्णय को चुनौती दी है। एकल पीठ ने आदेश दिया था जब आइपीए की मान्यता के नवीनीकरण (रिन्यूअल) पर विचार किया जाए, तो मंत्रालय को एआईपीए और न्यू इंडियन पिकलबाल एसोसिएशन को लिखित में अपनी बात रखने और व्यक्तिगत सुनवाई का मौका जरूर देना चाहिए।
एनएसएफ बनने के लिए जरूरी शर्तों को पूरा नहीं करता
सुनवाई के दौरान पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा कि आइपीए को मान्यता कैसे दे दी गई, जबकि आरोप है कि वह राष्ट्रीय खेल महासंघ (एनएसएफ) बनने के लिए जरूरी शर्तों को पूरा नहीं करता था। पीठ ने यह भी पूछा कि क्या एआइपीए को उसकी मान्यता के अनुरोध को औपचारिक रूप से खारिज किए जाने के बारे में कोई जानकारी दी गई थी।
वहीं, केंद्र सरकार ने पीठ के समक्ष कहा कि आइपीए को एनएसएफ इसलिए बनाया गया, क्योंकि एक समय में सिर्फ़ एक ही संस्था को मान्यता मिल सकती है। इस पर पीठ ने प्रकरण में निर्णय लेने की पूरी प्रक्रिया का रिकार्ड पेश करने का निर्देश दिया। एआइपीए ने कहा कि खेल मंत्रालय ने खेल संहिता का उल्लंघन करते हुए आइपीए को मान्यता दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालय ने आइपीए को कई जरूरी शर्तों से बेवजह छूट दे दी थी।