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    दिल्ली हाई कोर्ट ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10 लोगों को हिरासत में लेने पर पुलिस से मांगा जवाब

    Updated: Sun, 15 Mar 2026 07:09 PM (IST)

    दिल्ली उच्च न्यायालय ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10 लोगों को हिरासत में लेने के मामले में दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। एक बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ...और पढ़ें

    10 लोगों को हिरासत में लेने का कारण स्पष्ट करे पुलिस: हाई कोर्ट।

    10 लोगों को हिरासत में लेने का कारण स्पष्ट करे पुलिस: हाई कोर्ट।

    HighLights

    1. पुलिस से 10 प्रदर्शनकारियों की हिरासत पर जवाब मांगा गया।

    2. अदालत ने दिल्ली पुलिस को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

    3. रुद्र नामक एक व्यक्ति अभी भी पुलिस हिरासत में है।

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। विभिन्न मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन करने वाले 10 लोगों को अदालत में पेश करने की मांग को लेकर दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर रविवार को सुनवाई करते हुए विशेष पीठ ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि किस कानूनी अधिकार व परिस्थिति में हिरासत में रखा गया। न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने दिल्ली पुलिस को नाेटिस जारी कर मामले पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया।

    साथ ही पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि संबंधित इलाकों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी जाए। मामलों की सुनवाई 27 मार्च को होगी। इस मामले का उल्लेख शनिवार को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष किया गया था, जिसके बाद रविवार को मामले पर सुनवाई के लिए विशेष पीठ का गठन किया गया।

    विभिन्न मुद्दों पर विरोध-प्रदर्शन करने वाले इन लोगों को तत्काल अदालत के समक्ष पेश करने की मांग को लेकर याचिकाकर्ता एहसानुल हक, राजबीर और सागरिका राजोरा द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की है। एहसानुल हक की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंसाल्वेस ने कहा कि मामला मीडिया में आने के बाद एक व्यक्ति को छोड़कर बाकी सभी को रिहा किया गया।

    उन्होंने कहा कि यह एक बहुत ही चिंताजनक स्थिति है, जहां पुलिस पूरी तरह से बेकाबू हो गई है। वहीं, दिल्ली पुलिस की तरफ से पेश हुए स्थायी अधिवक्ता संजीव भंडारी ने कहा कि सभी लोगों को एक प्राथमिकी के मामले में हिरासत में लिया गया था, लेकिन अब सभी को रिहा कर दिया गया है।

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    उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला उतना सीधा नहीं है, जितना याचिकाकर्ताओं द्वारा बताया जा रहा है। याचिकाकर्ताओं द्वारा प्राथमिकी की प्रति की मांग पर पुलिस ने कहा कि यह संवेदनशील है और इसे अदालत के समक्ष पेश किया जाएगा।

    सागरिका राजोरा की तरफ से पेश हुए जगदीप ढिल्लों ने कहा कि उनका मुवक्किल रुद्र अभी भी हिरासत में है और उसे किसी दूसरी जगह ले जाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्तियों को यातना दी गई साथ ही उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। इस पर पीठ ने दिल्ली पुलिस रुद्र को पता लगाए और सोमवार तक उसके ठिकाने के बारे में जानकारी देने को कहा। रुद्र के मामले पर अदालत सोमवार को सुनवाई करेगी।

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