Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    केंद्रीय मंत्रियों से रोज 2 घंटे जनसुनवाई कराने की मांग खारिज, दिल्ली हाई कोर्ट ने याचिका ठुकराई

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 10:11 PM (GMT+05:30)

    दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय मंत्रियों को प्रतिदिन दो घंटे जनता की शिकायतें सुनने के लिए अनिवार्य करने वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे नी ...और पढ़ें

    दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका। फोटाे: सांकेतिक

    दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज की याचिका। फोटाे: सांकेतिक

    HighLights

    1. हाई कोर्ट ने मंत्रियों की शिकायत सुनने की याचिका खारिज की

    2. नीतिगत मामले कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, कोर्ट का मत

    3. याचिकाकर्ता ने मंत्रियों तक सीधी पहुंच की मांग की थी

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सभी केंद्रीय मंत्रियों के लिए नागरिकों से बातचीत करना और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रोजाना कम से कम दो घंटे उनकी शिकायतें सुनना अनिवार्य करने के संबंध में नीति बनाने की मांग को लेकर दायर याचिका दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दी।

    न्यायमूर्ति पुरुषेंद्र कुमार कौरव की पीठ ने टिप्पणी की कि इस तरह के नीतिगत मामले कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और इस पर संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत परमादेश नहीं जारी किया जा सकता।

    कोर्ट ने कहा- कार्यपालिका का अधिकार क्षेत्र

    पीठ ने कहा कि नीतियां बनाने, प्रशासनिक तंत्र तैयार करने और कार्यपालिका के कार्यों को करने का तरीका तय करने की शक्ति पूरी तरह से कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में आती है।

    पीठ ने कहा कि अदालतें ऐसे नीतिगत मामलों में तब तक दखल नहीं देतीं, जब तक कि किसी वैधानिक प्रावधान, संवैधानिक आदेश का स्पष्ट उल्लंघन न हो।

    जनता के साथ वर्चुअल संवाद की थी मांग 

    याचिकाकर्ता ओंकार शर्मा ने केंद्र सरकार को एक ऐसी योजना बनाने और लागू करने का निर्देश देने की मांग की थी, जिससे केंद्रीय मंत्रियों की रोजाना वर्चुअल माध्यमों से जनता तक पहुंच सुनिश्चित हो सके।

    याची ने दावा किया कि उन्हें सरकारी विभागों द्वारा दुर्व्यवहार का कई बार सामना करना पड़ा है और उन्होंने यह तर्क दिया कि मंत्रियों तक सीधी पहुंच न होने के कारण शिकायतों का प्रभावी ढंग से समाधान नहीं हो पाता।

    हालांकि, याचिका खारिज करते हुए पीठ ने मामले में कोई भी आदेश पारित करने से इंकार करते हुए कहा कि इन पहलुओं से संबंधित मंत्रालय या जन प्रतिनिधि को ही निपटना होगा।

    यह भी पढ़ें- करोल बाग में नकली टीवीएस ऑटो पार्ट्स गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली पुलिस ने दो आरोपितों को दबोचा

    खबरें और भी