करोल बाग में नकली टीवीएस ऑटो पार्ट्स गिरोह का पर्दाफाश, दिल्ली पुलिस ने दो आरोपितों को दबोचा
करोल बाग में टीवीएस ब्रांड के नकली ऑटो पार्ट्स बनाने और बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। क्राइम ब्रांच ने भरत और राजेंद्र सिंह नामक दो आरोपियों को ...और पढ़ें

टीवीएस के नकली पार्ट्स बनाने वाली कंपनी का भंडाफोड़। फोटो: सांकेतिक
HighLights
नकली टीवीएस ऑटो पार्ट्स गिरोह का भंडाफोड़
दो आरोपी भरत और राजेंद्र सिंह गिरफ्तार किए गए
30 लाख के नकली पार्ट्स, पैकेजिंग मशीनें बरामद हुईं
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। करोल बाग इलाके में टीवीएस ब्रांड के नाम पर नकली ऑटो पार्ट्स बनाने और इसे मार्केट में खपाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर क्राइम ब्रांच ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान करोल बाग के भरत और राजेंद्र सिंह के रूप में हुई है।
इनके कब्जे से टीवीएस ब्रांड नाम वाले लगभग 30 लाख की कीमत के नकली ऑटो पार्ट्स बरामद हुए हैं। पुलिस इनसे पूछताछ कर गिरोह में शामिल अन्य आरोपितों के बारे में पूछताछ कर रही है।
उपायुक्त पंकज कुमार के मुताबिक, 12 अप्रैल को सब इंस्पेक्टर इंदरवीर को करोल बाग मार्केट में नकली स्पेयर पार्ट्स बिकने के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के बाद एसीपी नरेंद्र बेनीवाल की देखरेख में और इंस्पेक्टर पवन कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने करोल बाग इलाके में छापेमारी की।
पैकेजिंग का सामान जब्त किया गया
छापेमारी के दौरान, भारी मात्रा में टीवीएस मोटर्स जेनुयिन पार्ट्स के निशान वाले नकली स्पेयर पार्ट्स और पैकेजिंग का सामान बरामद हुआ। जब्त किए गए सामान में पैकिंग पाउच, कार्टन, क्लच असेंबली, टाइमिंग चेन, आयल सील, फिल्टर, ब्रेक पैड, केबल और कई दूसरे ऑटोमोबाइल पार्ट्स शामिल थे।
पुलिस ने मौके से दो आरोपितों भरत और राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया और भरत के गोदाम से नकली स्पेयर पार्ट्स के लगभग 60 बैग मिले। पुलिस टीम को पैकिंग मशीनें और एक बारकोड प्रिंटर भी मिला, जिससे पता चला कि नकली सामान को संगठित तरीके से दोबारा पैक करके बाजार में बेचा जा रहा था।
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ज्यादा मुनाफे के लालच में शुरू कर दिया गलत काम
पूछताछ के दौरान, आरोपित भरत ने बताया कि वह हुबली, कर्नाटक में पला-बढ़ा है, जहां उसने अपनी स्कूलिंग और ग्रेजुएशन (बी.काम) पूरी की। उसने आगे बताया कि वर्ष 2024 में रोजी-रोटी की तलाश में दिल्ली आया और काम करना शुरू कर दिया, जिसमें जोमैटो सर्विस से जुड़ी नौकरी भी शामिल थी।
आसानी से पैसा कमाने के लिए उसने नामी कंपनियों के नकली स्पेयर पार्ट्स का काम करना और उन्हें स्टोर करना शुरू कर दिया, जिन्हें पैक करके बरामद जगह पर रखा जाता था। वहीं राजेंद्र सिंह ने बताया कि वह पहले मुंबई में रहता था, जहां वह मोबाइल फोन एक्सेसरीज का व्यापार करता था। कोविड महामारी के बाद वह दिल्ली आ गया और मोटर स्पेयर पार्ट्स लाइन में काम करने लगा।
उसने बताया कि वर्ष 2024 में उसने करोल बाग में किराए की दुकान खोली, लेकिन मार्केट में भारी कंपटीशन की वजह से उसके व्यापार में कम प्राॅफिट हुआ। करीब 7-8 महीने बाद, मुनाफा कमाने के लिए उसने अलग-अलग कंपनियों के नकली स्पेयर पार्ट्स का काम और बिक्री शुरू कर दी।