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    केंद्रीय बजट 2026 से दिल्ली को हेल्थ बूस्ट: एम्स, सफदरजंग सहित कई अस्पतालों को रिकॉर्ड फंडिंग; स्वास्थ्य सेवा मजबूत

    Updated: Sun, 01 Feb 2026 10:47 PM (IST)

    केंद्रीय बजट 2026-27 में दिल्ली के स्वास्थ्य क्षेत्र को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिला है। एम्स दिल्ली को 5,200 करोड़ रुपये आवंटित हुए, जबकि पांच केंद्रीय अस् ...और पढ़ें

    एम्स दिल्ली जैसे केंद्रीय संस्थानों के अस्पतालों को मिला बजट दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करता।

    एम्स दिल्ली जैसे केंद्रीय संस्थानों के अस्पतालों को मिला बजट दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करता।

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    संक्षेप में पढ़ें

    अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। केंद्रीय बजट में आमतौर पर दिल्ली के लिए सीधे तौर पर अलग से स्वास्थ्य प्रविधान नहीं किए जाते मगर, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत, स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन और आयुष्मान भारत योजना जैसी केंद्रीय योजनाएं दिल्ली में भी लागू होती हैं। एम्स दिल्ली, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और मेडिकल शिक्षा विस्तार के प्रस्तावों से दिल्ली को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। एम्स दिल्ली जैसे केंद्रीय अस्पतालों को मिला बजट दिल्ली की स्वास्थ्य ढांचे और सेवाओं को मजबूत करता है। इसके अलावा केंद्र की प्रमुख योजनाओं और संस्थागत आवंटनों से राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलती दिख रही है।

    मेडिकल रिसर्च को मजबूती मिलने की उम्मीद

    केंद्रीय बजट वित्त वर्ष 2026-27 में एम्स दिल्ली के लिए 5,500.92 करोड़ का आवंटन किया गया है, जिसे राष्ट्रीय राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे की मजबूती के लिए अहम माना जा रहा है। इस राशि का उपयोग अस्पताल की चिकित्सा सेवाओं के विस्तार, अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, शोध कार्यों को बढ़ावा देने और मरीजों की बढ़ती संख्या को बेहतर ढंग से संभालने में किया जाएगा। सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं व मेडिकल रिसर्च को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    आईसीयू विस्तार तथा अनुसंधान सुविधाओं को मजबूती

    एम्स दिल्ली को वित्त वर्ष 2025-26 में 4,523 करोड़ वित्त वर्ष 2024-25 में 4,134.67 करोड़ का बजट मिला था। वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 2025-26 में लगभग 397 करोड़ की वृद्धि की गई थी। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 की तुलना में 2026-27 में 977.92 करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। लगातार बढ़ता बजट एम्स के लिए साधन क्षमता, उपकरण उन्नयन, विशेषज्ञ स्टाफ भर्ती, बेड और आईसीयू विस्तार तथा अनुसंधान सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में मदद करता है।

    कई अस्पतालों का रखा गया ध्यान

    सफदरजंग अस्पताल को 2,179.58 करोड़, राम मनोहर लोहिया अस्पताल को 1,458.26 करोड़, लेडी हार्डिंग एवं सुचेता कृपलानी अस्पताल को 800 करोड़, कलावती सरन चिल्ड्रेन अस्पताल के लिए 183.16 करोड़ का प्रविधान रखा गया है। दिल्ली में केंद्र सरकार के इन पांचों बड़े अस्पतालों को वित्त वर्ष 2026-27 में कुल 10,121.92 करोड़ का बजट मिला है, जो वित्त वर्ष 2025-26 के 8,937 करोड़ से 1,184.92 करोड़ अधिक है। यह बढ़ोतरी दिल्ली के अस्पतालों की सेवाओं, उपकरणों, स्टाफ और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करेगी।

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    किस अस्पताल को पिछले वर्ष की तुलना में कितना मिला बजट

    संस्थान 2025-26 (करोड़ में) 2026-27 (करोड़ में) कम/ज्यादा (करोड़ में)
    एम्स दिल्ली 4,523  5,500.92 977.92 ज्यादा
    सफदरजंग अस्पताल 1,874 2,179.58 305 ज्यादा
    आरएमएल अस्पताल 1,610  1,458.26 151.74 कम
    लेडी हार्डिंग व सुचेता कृपलानी  750  800 50 ज्यादा
    कलावती सरन चिल्ड्रेन अस्पताल  180  183.16  3.16 ज्यादा

    (सभी राशि करोड़ रुपये में)

    दिल्ली को सुपर-स्पेशियलिटी, पीजी सीटों में विस्तार की संभावना

    बजट 2026-27 में अगले वर्ष 10,000 नई मेडिकल सीटें बढ़ाने और पांच वर्षों में कुल 75,000 सीटें जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है। इसका सीधा लाभ दिल्ली के मेडिकल कालेजों और एम्स जैसे केंद्रीय संस्थानों को मिलने की संभावना है, हालांकि कालेज-वार सीट संख्या अभी तय या जारी नहीं की गई है। दिल्ली, जो पहले से ही मेडिकल शिक्षा और उपचार का बड़ा केंद्र है, वहां प्रशिक्षित डाक्टरों की संख्या बढ़ने से सरकारी और निजी दोनों स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी।

    मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने से दिल्ली बनेगी हब

    दिल्ली देश का प्रमुख मेडिकल हब है, जहां एम्स, बड़े सरकारी अस्पताल और नामी निजी अस्पताल मौजूद हैं। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा मिलने से दिल्ली केवल देश का ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक प्रमुख हेल्थकेयर हब के रूप में उभर सकती है। इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था, राजस्व, हास्पिटैलिटी सेक्टर और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

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