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    जंतर-मंतर प्रदर्शन में सर्विलांस पर सुनवाई टली, डेटा डिलीट कराने की PIL पर आइशे घोष को दिल्ली HC की सलाह

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 09:22 AM (GMT+05:30)

    केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट में कहा कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों की निगरानी से जुड़ी जनहित याचिका अब बेअसर हो गई है। कोर्ट ने याचिकाकर्ता से ...और पढ़ें

    जंतर मंतर पर सर्विलाइंस की याचिका पर सुनवाई टली। फोटो: आर्काइव

    जंतर मंतर पर सर्विलाइंस की याचिका पर सुनवाई टली। फोटो: आर्काइव

    HighLights

    1. केंद्र ने जंतर-मंतर विरोध निगरानी याचिका को बेअसर बताया

    2. हाई कोर्ट ने सामान्य प्रकृति की याचिका दायर करने को कहा

    3. इंटरनेट सेवा बाधित करने वाली याचिका वापस ली गई

    जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान निगरानी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष कहा कि अब जनहित याचिका बेअसर हो गई है।

    इस पर मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की की पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन की तरफ से पेश हुए वकील से कहा कि मामले को थोड़ा और शांत होने दें और बाद में ऐसी याचिका दायर करें जो किसी खास प्रदर्शन के बजाय सामान्य प्रकृति की हों।

    सामान्य प्रकृति की याचिका दायर करने की सलाह

    हालांकि, याचिकाकर्ता जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन (JNUSU) की पूर्व अध्यक्ष आइशे घोष की तरफ से कहा गया कि याचिका की मांगें अभी भी प्रासंगिक हैं, क्योंकि यह बिना किसी कानूनी व्यवस्था के प्रदर्शनकारियों की निगरानी से जुड़ी है।

    पीठ ने कहा कि बेहतर होगा कि आप ऐसी याचिका दायर करें, जिसमें हम प्रावधानों की जांच कर सकें। वकील ने तर्क दिया कि अधिकारियों को निगरानी के दौरान इकट्ठा किए गए सभी पर्सनल डेटा को स्थायी रूप से नष्ट करने का निर्देश देने की मांग अहम है।

    क्योंकि केंद्र सरकार ने आश्वासन दिया है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस पर पीठ ने मामले की सुनवाई मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी।

    इंटरनेट सेवा से जुड़ी याचिका वापस ली

    वहीं, दूसरी तरफ जंतर-मंतर पर इंटरनेट सेवा को बाधित करने के आदेश के खिलाफ साॅफ्टवेयर फ्रीडम लाॅ सेंटर द्वारा दायर की गई जनहित याचिका को सोवमार को वापस ले लिया गया।

    याचिका में मध्य जिला के इलाके में इंटरनेट सेवा निलंबित करने के निर्णय को चुनौती दी गई थी। अदालत ने इस पर याचिका को वापस लेने की अनुमति देते हुए खारिज कर दिया।

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