जिला अदालतों की आर्थिक सीमा बढ़ाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट के वकीलों का विरोध, काम से बनाई दूरी
दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने जिला अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र में प्रस्तावित बढ़ोतरी के विरोध में काम से दूरी बनाई। इस निर्णय के कारण हाई को ...और पढ़ें

दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने काम से दूरी बनाई रखी।
HighLights
हाई कोर्ट अधिवक्ताओं ने काम से बनाई दूरी।
जिला अदालतों की आर्थिक सीमा बढ़ाने का विरोध।
कई मामलों की सुनवाई स्थगित, अगली तारीख मिली।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। जिला अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र में प्रस्तावित बढ़ोतरी का विरोध करते हुए सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट के अधिवक्ताओं ने काम से दूरी बनाई रखी।
अधिवक्ताओं के जजों के सामने पेश न होने के निर्णय के कारण हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए सूचीबद्ध अधिकांश मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। मामले की सुनवाई नहीं होने के कारण सूचीबद्ध मामलों को अगली तारीख के लिए स्थगित कर दिया गया।
वित्तीय सीमा को दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने का निर्णय
जिला अदालतों की आर्थिक सीमा (वित्तीय सीमा) को दो करोड़ रुपये से बढ़ाकर 20 करोड़ रुपये करने की दिल्ली की सभी जिला अदालत बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति की मांग पर विचार करने का दिल्ली हाई कोर्ट प्रशासन ने निर्णय लिया है। उक्त निर्णय के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) ने अपने सदस्यों से 25 मई को काम से दूर रहने की अपील की थी।
डीएचसीबीए द्वारा हड़ताल की अपील की कड़ी निंदा और विरोध
जिला अदालत बार एसोसिएशनों ने डीएचसीबीए द्वारा हड़ताल की अपील की कड़ी निंदा और विरोध किया था। जिला अदालत बार एसोसिएशनों के अनुसार, सिविल अदालतों के आर्थिक अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने से दिल्ली के नागरिकों के व्यापक हितों की पूर्ति होती है और उन्हें जल्द न्याय मिलना सुनिश्चित होता है।
वहीं, डीएचसीबीए ने जोर देकर कहा है कि हाई कोर्ट के पास इस तरह का बदलाव करने का कोई अधिकार नहीं है, क्योंकि यह मामला विधायिका के अधिकार क्षेत्र में आता है।
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