सैयद फैज इलाही मस्जिद का क्या है आतंकी कनेक्शन? Delhi Blast के बाद खंगाले जमीन के रिकाॅर्ड तो चला बुलडोजर
दिल्ली हाईकोर्ट ने तुर्कमान गेट स्थित सैयद फैज इलाही मस्जिद से सटी भूमि पर अतिक्रमण हटाने के मामले में MCD, DDA, वक्फ बोर्ड सहित कई विभागों से जवाब मा ...और पढ़ें
HighLights
हाईकोर्ट ने तुर्कमान गेट मस्जिद अतिक्रमण पर जवाब मांगा
MCD ने मस्जिद से सटी भूमि पर बुलडोजर चलाया था
मस्जिद समिति ने तोड़फोड़ के आदेश को चुनौती दी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तुर्कमान गेट स्थित जिस सैयद फैज इलाही मस्जिद और कब्रिस्तान से सटी जमीन पर MCD ने मंगलवार की देर रात बुलडोजर चला दिया, उसका दिल्ली ब्लास्ट से कनेक्शन है। इसी मजिस्द की प्रबंध समिति अतिक्रमण हटाने के MCD के नोटिस के खिलाफ हाईकोर्ट भी गई है।
अतिक्रमण हटाने के आदेश को लेकर मस्जिद प्रबंधन समिति की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाब भी तलब किया है। अदालत ने दिल्ली नगर निगम (MCD), दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), शहरी विकास मंत्रालय, भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) और दिल्ली वक्फ बोर्ड को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होनी है।

क्या है पूरा मामला?
याचिकाकर्ता सैयद फैज इलाही मस्जिद प्रबंध समिति ने एमसीडी की ओर से जारी उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें मस्जिद से सटी 0.195 एकड़ भूमि छोड़कर शेष संरचनाएं तोड़ने को कहा गया है।
एमसीडी का कहना है कि मस्जिद प्रबंध समिति या दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इस जमीन पर अपने स्वामित्व का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया है, इसलिए यह जमीन सरकारी मानी जाएगी और इस पर बना निर्माण अवैध अतिक्रमण है।
हाईकोर्ट ने किन संस्थाओं से मांगा जवाब?
- दिल्ली नगर निगम (MCD)
- दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA)
- शहरी विकास मंत्रालय
- भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO), पहाड़गंज
- दिल्ली वक्फ बोर्ड
मस्जिद प्रबंध समिति ने याचिका में क्या कहा?
- एमसीडी का 22 दिसंबर 2025 का आदेश गैरकानूनी और मनमाना है।
- यह भूमि वर्षों से मस्जिद और कब्रिस्तान के उपयोग में रही है।
- बिना समुचित जांच और सुनवाई के तोड़फोड़ का आदेश देना संविधान के मूल अधिकारों का उल्लंघन है।
आतंकी कनेक्शन आया सामने तो खंगाले जमीन के रिकाॅर्ड
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि 10 नवंबर को लाल किले के पास हुए कार में विस्फोट से पहले आतंकी उमर ने इसी मस्जिद में 10 मिनट से अधिक समय बिताया था। इस घटना के बाद इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती बढ़ी और प्रशासन ने जमीन के रिकॉर्ड की जांच शुरू की।
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अब आगे क्या? हाईकोर्ट का आदेश आने से पहले ही तोड़फोड़
अब दिल्ली हाईकोर्ट सभी संबंधित विभागों से जवाब मिलने के बाद तय करेगा कि-
- क्या यह जमीन वास्तव में वक्फ संपत्ति है या सरकारी भूमि?
- क्या मस्जिद प्रबंधन का दावा कानूनी रूप से वैध है?
- और एमसीडी द्वारा दिया गया तोड़फोड़ का आदेश सही है या नहीं?
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